एक्सप्लोरर

महंगा LPG हुआ आउटडेटेड? DME गैस बन जाएगा खाना बनाने के लिए एक आसान और सस्ता तरीका, जानिए क्या है टेक्नोलॉजी

DME Gas Technology: DME यानी डाइमिथाइल ईथर एक तरह का स्वच्छ ईंधन है जिसे कोयला, बायोमास या नैचुरल गैस से तैयार किया जा सकता है.

Show Quick Read
Key points generated by AI, verified by newsroom
  • तकनीकी विकास और इंफ्रास्ट्रक्चर के बाद यह सस्ता ईंधन बन सकता है।

DME Gas Technology: रसोई गैस की बढ़ती कीमतों ने आम लोगों की जेब पर सीधा असर डाला है. ऐसे में अब एक नए विकल्प की चर्चा तेज हो गई है DME (डाइमिथाइल ईथर) गैस. माना जा रहा है कि यह भविष्य में LPG का सस्ता और साफ विकल्प बन सकती है जिससे न सिर्फ खर्च कम होगा बल्कि पर्यावरण को भी फायदा मिलेगा.

क्या है DME गैस?

DME यानी डाइमिथाइल ईथर एक तरह का स्वच्छ ईंधन है जिसे कोयला, बायोमास या नैचुरल गैस से तैयार किया जा सकता है. यह गैस जलने पर बहुत कम धुआं छोड़ती है और लगभग कालिख (soot) नहीं बनाती. इसी वजह से इसे क्लीन फ्यूल के रूप में देखा जा रहा है.

LPG से कैसे अलग है?

जहां LPG (लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस) जलने पर बर्तन काले कर सकती है और कुछ मात्रा में प्रदूषण भी पैदा करती है, वहीं DME गैस साफ तरीके से जलती है. इससे रसोई साफ रहती है और बर्तनों पर कालिख जमने की समस्या नहीं होती. इसके अलावा, DME को स्टोर और ट्रांसपोर्ट करना भी अपेक्षाकृत आसान माना जाता है. कई विशेषज्ञों का मानना है कि अगर इसका बड़े स्तर पर उत्पादन शुरू हो जाए तो इसकी कीमत LPG से कम हो सकती है.

क्या वाकई सस्ती पड़ेगी DME?

DME की सबसे बड़ी खासियत इसकी संभावित कम लागत है. इसे स्थानीय संसाधनों से भी बनाया जा सकता है जिससे आयात पर निर्भरता घटेगी. अगर ऐसा होता है तो उपभोक्ताओं को सस्ती गैस मिल सकती है और देश का खर्च भी कम होगा. हालांकि, अभी यह तकनीक शुरुआती चरण में है और बड़े पैमाने पर इसके इस्तेमाल के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करना बाकी है.

पर्यावरण के लिए क्यों बेहतर है?

DME गैस को पर्यावरण के लिहाज से भी बेहतर माना जा रहा है. यह जलने पर कम प्रदूषण फैलाती है और ग्रीनहाउस गैसों का उत्सर्जन भी कम होता है. ऐसे में यह स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में एक बड़ा कदम साबित हो सकती है. फिलहाल DME गैस पर रिसर्च और टेस्टिंग जारी है. कुछ देशों में इसका सीमित स्तर पर इस्तेमाल भी शुरू हो चुका है लेकिन भारत में इसे आम लोगों तक पहुंचने में अभी समय लग सकता है.

महंगे LPG के दौर में DME गैस एक उम्मीद की किरण बनकर सामने आ रही है. अगर तकनीक और सप्लाई सिस्टम सही तरीके से विकसित हो गया तो आने वाले समय में यह रसोई गैस का नया और बेहतर विकल्प बन सकती है जो सस्ता भी होगा और पर्यावरण के लिए भी सुरक्षित.

यह भी पढ़ें:

Tim Cook के बाद अब John Ternus बनेंने Apple के नए CEO! जानिए कितनी है इनकी नेटवर्थ और कैसे बनें ये कंपनी के उत्तराधिकारी

और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

किस तरह के ऐप्स ज्यादा डाउनलोड कर रहे लोग? चौंका देंगी ये डिटेल्स
किस तरह के ऐप्स ज्यादा डाउनलोड कर रहे लोग? चौंका देंगी ये डिटेल्स
केबल लगाने से कहीं ज्यादा काम करता है Type-C पोर्ट, जानें कैसे
केबल लगाने से कहीं ज्यादा काम करता है Type-C पोर्ट, जानें कैसे
दुनिया के साथ 6G की रेस में भारत, Jio ने जताई शुरुआती रोलआउट की उम्मीद
दुनिया के साथ 6G की रेस में भारत, Jio ने जताई शुरुआती रोलआउट की उम्मीद
महंगी चिप्स का iPhone 18 Pro पर असर, Apple ने 15% घटाए ऑर्डर
महंगी चिप्स का iPhone 18 Pro पर असर, Apple ने 15% घटाए ऑर्डर

वीडियोज

CJP का 'चलो दिल्ली' मार्च...पूरी तरह फ्लॉप!
फसल तबाह...कौन देगा सहारा? महाराष्ट्र से राजस्थान...परेशान किसान
'वोट चोरी' पर सियासत...हल है हिरासत!
सख्ती का असर...'जंतर-मंतर 2.0' बेअसर!
SIR पर लड़ाई...मीर जाफर तक कैसे आई? बड़ा विश्लेषण

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
मणिपुर में फिर भड़की हिंसा, 5 की मौत; 10 घर-20 दुकानों को किया आग के हवाले
मणिपुर में फिर भड़की हिंसा, 5 की मौत; 10 घर-20 दुकानों को किया आग के हवाले
जंतर-मंतर का प्रोटेस्ट सफल रहा? प्रशांत किशोर का बड़ा बयान
जंतर-मंतर का प्रोटेस्ट सफल रहा? प्रशांत किशोर का बड़ा बयान
रणजी ट्रॉफी में कुल कितनी टीमें हिस्सा लेती हैं? इस बार क्या है नया; जानें A टू Z डिटेल्स
रणजी ट्रॉफी में कुल कितनी टीमें हिस्सा लेती हैं? इस बार क्या है नया; जानें A टू Z डिटेल्स
'एक बार तो जेल जाना है...', मुंबई प्रोटेस्ट में एक्टर इमरान खान हुए डिटेन, साथ में दिखीं गर्लफ्रेंड
'एक बार तो जेल जाना है...', मुंबई प्रोटेस्ट में एक्टर इमरान खान हुए डिटेन, साथ में दिखीं गर्लफ्रेंड
CJP का चौंकाने वाला दावा, '10 घंटे हो गए, कहां हैं अभिजीत दीपके?'
CJP का चौंकाने वाला दावा, '10 घंटे हो गए, कहां हैं अभिजीत दीपके?'
'संदेह नहीं सबूत', चुनाव आयोग के बचाव में उतरे 124 नौकरशाह, लिखा ओपन लेटर
'संदेह नहीं सबूत', चुनाव आयोग के बचाव में उतरे 124 नौकरशाह, लिखा ओपन लेटर
धमाके से दहला सऊदी का रियाद इंटरनेशनल एयरपोर्ट, दो दिन पहले अटैक में 3 की हुई थी मौत
धमाके से दहला सऊदी का रियाद इंटरनेशनल एयरपोर्ट, दो दिन पहले अटैक में 3 की हुई थी मौत
दुनिया के टॉप 25 बिजनेस स्कूल में भारत के 4 संस्थान, इन कॉलेजों ने बनाई जगह
दुनिया के टॉप 25 बिजनेस स्कूल में भारत के 4 संस्थान, इन कॉलेजों ने बनाई जगह
Embed widget