Cheap Charger Side Effects: सस्ते चार्जर से क्यों खराब हो जाता है मोबाइल, जानें कहां आती है दिक्कत?
Cheap Charger Side Effects : एक्सपर्ट्स के अनुसार, खराब क्वालिटी वाले चार्जर और केबल फोन की बैटरी, चार्जिंग पोर्ट और अंदरूनी पार्ट्स पर बुरा असर डाल सकते हैं.

Cheap Charger Side Effects : अक्सर कई बार जब हमारे फोन का चार्जर खराब हो जाता है या खो जाता है, तो कई लोग पैसे बचाने के लिए बाजार से सस्ता चार्जर या केबल खरीद लेते हैं. देखने में ये चार्जर लगभग असली जैसे ही लगते हैं और कीमत भी काफी कम होती है, लेकिन कई बार यही छोटी बचत बाद में बड़े नुकसान की वजह बन सकती है. एक्सपर्ट्स के अनुसार, खराब क्वालिटी वाले चार्जर और केबल फोन की बैटरी, चार्जिंग पोर्ट और अंदरूनी पार्ट्स पर बुरा असर डाल सकते हैं. शुरुआत में दिक्कत नजर नहीं आती, लेकिन धीरे-धीरे फोन की परफॉर्मेंस प्रभावित होने लगती है. ऐसे में आइए जानते हैं कि सस्ते चार्जर से मोबाइल क्यों खराब हो जाता है और दिक्कत कहां आती है.
सस्ते चार्जर से मोबाइल क्यों खराब हो जाता है?
कम कीमत वाले चार्जर और केबल अक्सर कमजोर मटेरियल से बनाए जाते हैं. इनमें यूज होने वाली वायरिंग, इंसुलेशन और कनेक्टर अच्छी क्वालिटी के नहीं होते हैं. ऐसे चार्जर में ढीले कनेक्टर, जल्दी टूटने वाले तार और चार्जिंग के दौरान गर्म होने जैसी समस्याएं देखने को मिल सकती हैं. इन कमियों की वजह से शॉर्ट सर्किट, चार्जिंग पोर्ट को नुकसान या फोन की काम करने की पावर पर असर पड़ने का खतरा बढ़ जाता है, यही वजह है कि सस्ते चार्जर का यूज लंबे समय में मोबाइल के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है.
सर्ज और हीट प्रोटेक्शन की कमी
असली और सर्टिफाइड चार्जर में ऐसे सुरक्षा फीचर होते हैं जो वोल्टेज और टेंपरेचर कंट्रोल करने में मदद करते हैं. वहीं कई सस्ते चार्जर और केबल में ये सुरक्षा तकनीक मौजूद नहीं होती है. ऐसी स्थिति में चार्जिंग के दौरान फोन जरूरत से ज्यादा गर्म हो सकता है, बैटरी तेजी से खत्म होने लगती है और कुछ मामलों में इलेक्ट्रिक झटका या सर्किट खराब होने का खतरा भी बढ़ सकता है. बिना सुरक्षा फीचर वाले चार्जर हर बार चार्जिंग के दौरान जोखिम पैदा कर सकते हैं.
अनसर्टिफाइड चार्जर और केबल क्यों होते हैं खतरनाक?
कई लोकल और बिना ब्रांड वाले चार्जर किसी प्रकार की सुरक्षा जांच या सर्टिफिकेशन से नहीं गुजरते है. ऐसे चार्जर और केबल बिजली की सप्लाई को सही तरीके से कंट्रोल नहीं कर पाते हैं. कुछ नकली चार्जिंग केबल देखने में बिल्कुल असली जैसी लगती हैं, लेकिन उनके अंदर जरूरी सुरक्षा चिप्स मौजूद नहीं होते हैं. इससे फोन को मिलने वाली पावर अस्थिर हो सकती है, जो डिवाइस पर असर डाल सकती है.
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सबसे ज्यादा दिक्कत कहां आती है?
मोबाइल की बैटरी उन हिस्सों में शामिल है जो खराब चार्जर से सबसे ज्यादा प्रभावित होती है. लगातार अस्थिर पावर सप्लाई मिलने से बैटरी की क्षमता धीरे-धीरे कम होने लगती है.इसके कारण बैटरी जल्दी खत्म होना, चार्जिंग के दौरान ज्यादा गर्म होना, बैटरी प्रतिशत का अचानक ऊपर-नीचे होना, फोन का अचानक बंद हो जाना और कुछ मामलों में बैटरी फूलने जैसी समस्याएं भी सामने आ सकती हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि लंबे समय तक सस्ते चार्जर का इस्तेमाल बैटरी की लाइफ कम कर सकता है. वहीं कम क्वालिटी वाले चार्जर और केबल सिर्फ बैटरी को ही नहीं, बल्कि चार्जिंग पोर्ट को भी नुकसान पहुंचा सकते हैं. कई बार इनके कनेक्टर सही फिट नहीं होते, जिससे पोर्ट पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है.
नकली फास्ट चार्जर से भी रहें सावधान
आजकल बाजार में कई सस्ते चार्जर फास्ट चार्जिंग का दावा करते हैं, लेकिन उनमें जरूरी तकनीक और सुरक्षा फीचर नहीं होते हैं. सही फास्ट चार्जर फोन के साथ जरूरत के अनुसार बिजली सप्लाई करता है, जबकि नकली चार्जर ऐसा नहीं कर पाते हैं. इस वजह से फोन के अंदरूनी सिस्टम पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है और डिवाइस की उम्र कम हो सकती है. ऐसे में कुछ संकेत ऐसे होते हैं जो बताते हैं कि चार्जर सुरक्षित नहीं है. जैसे कि बहुत कम कीमत, किसी प्रकार का सुरक्षा सर्टिफिकेट न होना, ढीली केबल, चार्जिंग के दौरान जरूरत से ज्यादा गर्म होना और बिना ब्रांड की पैकेजिंग. इसलिए मोबाइल की लंबी उम्र और बेहतर परफॉर्मेंस के लिए हमेशा सुरक्षा जांच या सर्टिफिकेशन चार्जर का यूज करना चाहिए.
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