एक्सप्लोरर

3 साल में इंसानों को खत्म कर देगा AI? डरा रहे एक्सपर्ट

AI को लेकर एक्सपर्ट ने चौंकाने वाली चेतावनी दी है. दावा है कि आने वाले 3 साल इंसानों के लिए बेहद खतरनाक हो सकते हैं. जानिए क्या है पूरा मामला.

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तेजी से हमारी जिंदगी का हिस्सा बन रहा है. जहां एक तरफ AI हेल्थ, एजुकेशन, साइंस और टेक्नोलॉजी में बड़े बदलाव ला रहे हैं, वहीं इसके संभावित खतरों को लेकर एक्सपर्ट्स की चिंता भी बढ़ रही है. Anthropic से जुड़े एक रिसर्चर की हालिया चेतावनी ने इस बहस को और गंभीर बना दिया है. उनका कहना है कि आने वाले सालों में बेहद एडवांस AI इंसानों के लिए ऐसा खतरा पैदा कर सकता है जिसकी तुलना परमाणु हथियारों से की जा सकती है. आइए जानते हैं कि क्या है पूरा मामला.

AI बन सकता है मानवता के लिए बड़ा खतरा

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, AI सुरक्षा पर काम करने वाले Anthropic के रिसर्चर Evan Hubinger ने चेतावनी दी है कि अगर AI सिस्टम लगातार ज्यादा एडवांस और अपने आप काम करने वाले होते गए तो मानवता के सामने अस्तित्व बचाने को लेकर बड़ा खतरा खड़ा हो सकता है. रिपोर्टों के मुताबिक उन्होंने अगले दशक के भीतर AI से ह्यूमन के गायब होने की संभावना 10 फीसदी से ज्यादा होने का अनुमान लगाया है. हालांकि ये भविष्यवाणी निश्चित घटना के तौर पर नहीं बल्कि संभावित खतरों के आकलन के रूप में सामने आई है.

यह भी पढ़ें: AI से इंसानों के अस्तित्व पर खतरा? Anthropic रिसर्चर ने जताई बड़ी चिंता

आखिर परमाणु हथियारों से क्यों की जा रही तुलना?

परमाणु हथियारों की सबसे बड़ी ताकत उनका बड़े पैमाने पर विनाश करने की क्षमता है. AI का खतरा कुछ अलग तरीके से सामने आ सकता है. चिंता ये है कि बेहद शक्तिशाली AI सिस्टम साइबर हमले, गलत सूचना, निगरानी या हथियारों से जुड़े कामों को ज्यादा तेज और बड़े स्तर पर अंजाम देने में मदद कर सकते हैं.

Anthropic की हालिया रिपोर्ट में भी ऐसे मामलों का जिक्र है जहां AI मॉडल का इस्तेमाल साइबर हमलों, जासूसी, धोखाधड़ी और हथियारों से जुड़े गलत इस्तेमाल में करने की कोशिश की गई. कंपनी ने इनमें से कुछ एक्टिविटी को रोकने का दावा किया है. इस हिसाब से माना जा रहा है कि अगले तीन सालों में एआई से इंसानों की सभ्यता खत्म होने लगेगी.

AI के खुद ज्यादा ताकतवर होने की चिंता

एक्सपर्ट्स की एक बड़ी चिंता ऐसे AI सिस्टम को लेकर है जो खुद अपनी ताकतों में सुधार करने में सक्षम हो जाएं. इसे लेकर रिसर्च समुदाय में self-improving AI और superintelligence जैसे विषयों पर चर्चा बढ़ रही है.

Anthropic के पूर्व रिसर्चर Jacob Coxon ने भी कंपनी से इस्तीफा देते हुए AI डेवलपमेंट की तेज रफ्तार पर सवाल उठाए. उनका आरोप था कि AI कंपनियों के बीच आगे निकलने की होड़ सुरक्षा से जुड़े सवालों को पीछे धकेल सकती है.

क्या अभी AI से डरने की जरूरत है?

आपको बता दें कि मौजूदा AI सिस्टम को लेकर की जा रही ये चेतावनियां भविष्य की संभावनाओं पर बेस्ड हैं. विशेषज्ञों के बीच इस बात पर एकमत नहीं है कि AI से मानवता के खत्म होने की संभावना कितनी है. कुछ शोधकर्ता इसे बेहद गंभीर जोखिम मानते हैं जबकि दूसरे विशेषज्ञ मानते हैं कि इन चीजों को लेकर ज्यादा सावधानी के साथ असली और तत्काल खतरों पर ध्यान देना चाहिए.

फिर भी AI के बढ़ते इस्तेमाल के साथ सुरक्षा नियम, इंसानों की निगरानी और इंटरनेशनल मदद की जरूरत पर एक मत बढ़ रहा है. कई एक्सपर्ट्स का मानना है कि AI की ताकत जितनी तेजी से बढ़ेगी, उसके साथ सुरक्षा व्यवस्था को भी उतनी ही तेजी से मजबूत करना होगा.

यह भी पढ़ें:

AI बना बड़ी मुसीबत! जानें वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने क्यों दी चेतावनी?

स्मार्टफोन, गैजेट्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सिक्योरिटी और इंटरनेट टेक्नोलॉजी की दुनिया में मेरा इंटरेस्ट काफी ज्यादा है. मैं यानी हिमांशु तिवारी, ABP LIVE में टेक और डिजिटल सेक्शन का हिस्सा हूं. मैं नई टेक्नोलॉजी को आसान और दिलचस्प अंदाज में पाठकों तक पहुंचाने का काम करता हूं. स्मार्टफोन लॉन्च, वायरल टेक ट्रेंड्स, AI अपडेट्स, सोशल मीडिया फीचर्स और साइबर फ्रॉड जैसे विषयों पर मेरी पकड़ मजबूत है.

टेक्नोलॉजी से जुड़ी खबरों को सिर्फ जानकारी तक सीमित नहीं रखता, बल्कि उन्हें आम लोगों की जरूरत और रोजमर्रा की जिंदगी से जोड़कर पेश करता हूं. खासतौर पर ऐसी खबरों पर काम करना पसंद करता हूं, जो लोगों के डिजिटल एक्सपीरियंस को सीधे प्रभावित करती हैं.

इसके अलावा मुझे नई टेक्नोलॉजी एक्सप्लोर करना, स्मार्टफोन फीचर्स को समझना और डिजिटल ट्रेंड्स पर रिसर्च करना पसंद है. मैं आसान भाषा और आकर्षक अंदाज में लिखने के लिए जाना जाता हूं, जिससे कठिन टेक्निकल बातें भी पाठकों के लिए समझना आसान हो जाती हैं. मैंने परास्नातक माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से उत्तीर्ण की है.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola
Advertisement

टॉप हेडलाइंस

Whatsapp Storage: व्हाट्सएप की ये 3 सेटिंग बदलें, कभी नहीं भरेगी स्टोरेज
व्हाट्सएप की ये 3 सेटिंग बदलें, कभी नहीं भरेगी स्टोरेज
ISRO Navic Satellite launch: भारत का अपना GPS होगा और ताकतवर, ISRO ने भेजा NVS-03 सैटेलाइट 
भारत का अपना GPS होगा और ताकतवर, ISRO ने भेजा NVS-03 सैटेलाइट 
ATM Card Safety: एटीएम में कार्ड डालने से पहले चेक करें ये चीज, वरना खाली हो जायेगा अकाउंट
एटीएम में कार्ड डालने से पहले चेक करें ये चीज, वरना खाली हो जायेगा अकाउंट
Samsung Phone : स्क्रीन पर अचानक दिखने लगीं छोटी लाइट्स? Samsung यूजर्स जान लें वजह
स्क्रीन पर अचानक दिखने लगीं छोटी लाइट्स? Samsung यूजर्स जान लें वजह
Advertisement

वीडियोज

Sansani: लव मैरिज की दगाबाज भाभी !
विपक्ष का 'जज्बा' जरा सी बारिश में धुल गया!
शाह के मंत्र से 27 में सत्ताधीश बनेंगे योगी?
यूपी की सत्ता के लिए हिंदू-मुसलमान करना जरूरी है?
Uttarakhand हेलिकॉप्टर क्रैश में सभी की मौत!
Advertisement

फोटो गैलरी

Advertisement

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
हूतियों का यमन पर अटैक, राष्ट्रपति भवन को बनाया निशाना, मदीना की ओर भेजे ड्रोन
हूतियों का यमन पर अटैक, राष्ट्रपति भवन को बनाया निशाना, मदीना की ओर भेजे ड्रोन
दिल्ली-NCR में 5 से 20 नवंबर तक रहेंगी ये पाबंदियां, वर्क फ्रॉम होम का भी निर्देश
दिल्ली-NCR में 5 से 20 नवंबर तक रहेंगी ये पाबंदियां, वर्क फ्रॉम होम का भी निर्देश
चैंपियंस ट्रॉफी के सेमीफाइनल में पहुंची टीम इंडिया, जापान को रौंद लगाई जीत की हैट्रिक
चैंपियंस ट्रॉफी के सेमीफाइनल में पहुंची टीम इंडिया, जापान को रौंद लगाई जीत की हैट्रिक
लॉस एंजिल्स प्रीमियर के बाद रणबीर कपूर की ‘रामायण’ के मुरीद हुए विदेशी क्रिटिक्स, बोले- 'साल की सबसे बेहतरीन फिल्म'
लॉस एंजिल्स प्रीमियर के बाद ‘रामायण’ के मुरीद हुए इंटरनेशनल क्रिटिक्स, जमकर की तारीफ
बिहार के सरकारी शिक्षक ध्यान दें! ड्रेस कोड पर सरकार का सख्त आदेश जारी
बिहार के सरकारी शिक्षक ध्यान दें! ड्रेस कोड पर सरकार का सख्त आदेश जारी
FATF का पाकिस्तान पर कोई एक्शन नहीं, खुलेआम पल रहे आतंकी, 2030 तक मिली खुली छूट!
FATF का पाकिस्तान पर कोई एक्शन नहीं, खुलेआम पल रहे आतंकी, 2030 तक मिली खुली छूट!
Best Tiles For Home: बाथरूम से किचन तक, घर के लिए ऐसे चुनें सही टाइल्स, नहीं होगी परेशानी
बाथरूम से किचन तक, घर के लिए ऐसे चुनें सही टाइल्स, नहीं होगी परेशानी
Krishak Unnati Yojana: किसानों को 15000 प्रति एकड़ देगी सरकार, बस पूरी करनी होगी ये शर्त
किसानों को 15000 प्रति एकड़ देगी सरकार, बस पूरी करनी होगी ये शर्त
Embed widget