विनोद तावड़े को BJP दे सकती है बड़ी जिम्मेदारी, रेस में सबसे आगे चल रहा नाम!
UP Politics: यूपी बीजेपी के अगले प्रभारी के नाम पर मंथन जारी है. विनोद तावड़े (Vinod Tawde) समेत कई नामों की चर्चा हो रही है. तावड़े उत्तर प्रदेश में बीते 6 महीनों से सक्रिय हैं.

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में अब कुछ वक्त ही बचा है. बीजेपी और समाजवादी पार्टी के बीच मुख्य मुकाबले के संकेत दिखाई दे रहे हैं. बीजेपी और सपा दोनों ही अपने अपने सेनापतियों की तैनाती में जुटी हैं. यूपी बीजेपी ने नयी टीम का तो ऐलान कर दिया है, लेकिन अब तक यूपी बीजेपी को नया प्रभारी नहीं मिला है.
कागजों में तो आखिरी बार राधामोहन सिंह यूपी बीजेपी के प्रभारी के तौर पर सक्रिय दिखाई दिए, लेकिन लोकसभा चुनाव 2024 के बाद से यूपी में राधामोहन सिंह की सक्रियता शून्य रही है. उत्तर प्रदेश में बीजेपी बिना प्रभारी के काम करती दिखाई दे रही है. कुछ महीनों पहले बीजेपी महासचिव विनोद तावड़े अचानक से उत्तर प्रदेश में सक्रिय होते दिखाई देते हैं. लेकिन विनोद तावड़े को भी आधिकारिक तौर पर उत्तर प्रदेश बीजेपी का प्रभारी नहीं बनाया गया है.
पिछले 6 महीने से यूपी में सक्रिय हैं विनोद तावड़े
जिस तरह से विनोद तावड़े यूपी में बीते 6 महीनों से सक्रिय हैं, उससे यूपी के सियासी गलियारों में यह चर्चा है कि विनोद तावड़े ही उत्तर प्रदेश बीजेपी के अगले प्रभारी होंगे. यूपी सरकार में मंत्रिमंडल विस्तार के दौरान नामों का पैनल भी विनोद तावड़े ने तैयार कर केन्द्रीय नेतृत्व को सौंपा था. यूपी में मंत्रिमंडल विस्तार के बाद तावड़े ने संगठन विस्तार में भी सक्रिय भूमिका निभाई. यूपी बीजेपी टीम गठन की सभी अहम बैठकों में विनोद तावड़े मौजूद रहे.
यूपी बीजेपी की टीम में तावड़े का अच्छा खासा दखल
यही नहीं उत्तर प्रदेश BJP की टीम में तावड़े का अच्छा खासा दखल देखने को मिला है. इन सब के बावजूद भी सवाल यही है कि क्या विनोद तावड़े ही यूपी बीजेपी के प्रभारी बनाए जाएंगे? हालांकि कुछ सियासी जानकारों का यह मानना है कि बिहार के मंगल पाण्डेय और मध्य प्रदेश के वीडी शर्मा भी इस कतार में खड़े हैं. कुछ बीजेपी के जानकार बैजयंत पांडा के नाम को भी दरकिनार नहीं करते हैं.
नितिन नबीन की नयी टीम में कितने महामंत्री बनेंगे?
बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन की नयी टीम में कितने महामंत्री बनेंगे और किस किस राज्य से बनेंगे, यह भी काफी महत्वपूर्ण होगा. वैसे यह माना जा रहा है कि बीजेपी के मौजूदा सभी राष्ट्रीय महामंत्री में विनोद तावड़े और सुनील बंसल को ही नितिन नबीन की नयी टीम में जगह मिलेगी. बाकी सभी नए चेहरों का समायोजन देखने को मिल सकता है.
किस वर्ग से होगा यूपी बीजेपी का प्रभारी?
बहरहाल यूपी बीजेपी के अगले प्रभारी के नाम पर मंथन जारी है. ऐसे में उत्तर प्रदेश बीजेपी के मौजूदा स्वरूप में सामाजिक समीकरण को भी समझना आवश्यक है. यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और डिप्टी सीएम बृजेश पाठक सामान्य जाति से हैं. यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य और संगठन महामंत्री धर्मपाल सैनी दोनों ही ओबीसी समाज से हैं. वहीं यूपी बीजेपी अध्यक्ष पंकज चौधरी भी ओबीसी समाज की कुर्मी जाति से हैं. यानि यूपी बीजेपी अध्यक्ष और संगठन महामंत्री दोनों ही ओबीसी समाज से आते हैं. तो क्या यूपी बीजेपी का प्रभारी सामान्य वर्ग से होगा या फिर प्रभारी भी ओबीसी समाज से ही बनेगा?
यूपी बीजेपी प्रभारी के लिए विनोद तावड़े का नाम सबसे आगे!
चर्चा तो इस बात की भी है कि यूपी में बीजेपी प्रभारी के तौर पर किसी SC चेहरे को आगे करके सामाजिक समीकरण का संदेश दे सकती है. लेकिन इन सब के बावजूद अब तक यह कहा जा सकता है कि यूपी बीजेपी का नया प्रभारी बनने की दौड़ में विनोद तावड़े सबसे आगे हैं. वैसे भी बिहार विधानसभा चुनाव में विनोद तावड़े की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण रही थी. लेकिन अगर विनोद तावड़े यूपी बीजेपी के प्रभारी बनते हैं तो बिहार से बहुत अलग चुनौतियों उन्हें उत्तर प्रदेश में देखने को मिलेंगी.
विनोद तावड़े के सामने क्या होंगी चुनौतियां?
विनोद तावड़े के सामने पहली सबसे बड़ी चुनौती यूपी बीजेपी में आपसी सामंजस्य बनाना होगा. दूसरी चुनौती टिकट बंटवारे में यूपी बीजेपी कोर ग्रुप के नेताओं के साथ सामंजस्य स्थापित करना होगा. इसके इतर हर कदम पर एक अनजानी चुनौती के लिए तैयार रहना होगा, क्योंकि यह विधानसभा चुनाव भले ही 2027 का हो लेकिन पटकथा 2029 लोकसभा चुनाव की लिखी जा रही है. खास बात यह है कि यूपी में बीजेपी की सियासी पटकथा के कई लेखक और निर्देशक हैं.
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