एक्सप्लोरर

UP News: 'मुफ्त की रेवड़ी' पर वरुण गांधी ने दिया बड़ा बयान, जानें- किस बात को लेकर जताई चिंता

Varun Gandhi: वरुण गांधी ने अपनी किताब ‘‘द इंडियन मेट्रोपोलिस’’ पर चर्चा करते हुए कहा, सभी राजनीतिक दल मुफ्त रेवड़ियां बांटने की पेशकश करते हैं और इसके जरिए हकदारी की मानसिकता को बढ़ाया गया है.

Varun Gandhi Book: भारतीय जनता पार्टी के सांसद वरुण गांधी ने बुधवार को कहा कि राजनीतिक दलों ने मुफ्त की रेवड़ियों की पेशकश की संस्कृति को बढ़ावा देकर जनमानस में एक ऐसी मानसिकता को प्रोत्साहित किया है कि जो सरकार ‘जन्म से मृत्यु’ तक का उसका ठेका ले, वही कल्याणकारी सरकार है. शासन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर अक्सर अपनी चिंता जताने वाले वरूण गांधी ने कहा कि मुफ्त की रेवड़ियों की पेशकश कर सार्वजनिक धन के व्यापक दुरुपयोग के बारे में संवाद की जरूरत है.

वरुण गांधी ने अपनी हालिया किताब ‘‘द इंडियन मेट्रोपोलिस’’ के बारे में पीटीआई से चर्चा करते हुए कहा, ‘‘ऐसे कई वादे पूरे नहीं होते हैं या आंशिक रूप से अधूरे रह जाते हैं. ऐसे वादे करना मतदाताओं का अपमान है.’’ उन्होंने कहा, ‘‘सभी राजनीतिक दल अब मुफ्त रेवड़ियां बांटने की पेशकश करते हैं और इसके माध्यम से हकदारी की एक मानसिकता को प्रोत्साहित किया गया है. इससे जन्म से अंत तक कल्याणकारी राज्य की अवधारणा पैदा हो रही है.’’ 

मुफ्त योजनाओं को लेकर कही ये बात

वरुण ने कहा कि हालांकि हर योजना या घोषणापत्र का वादा मुफ्त नहीं है. उनके मुताबिक स्कूलों में छात्रों के लिए मुफ्त भोजन, जैसा कि मध्याह्न भोजन योजना के तहत दिया जाता है. उन्होंने कहा कि इसे मुफ्त के रूप में वर्गीकृत नहीं किया जाना चाहिए, यह देखते हुए कि यह हमारे बच्चों के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में मदद करता है. उन्होंने आगे कहा कि मुफ्त उपहारों के इस ढांचे में सुधार के लिए कई स्तर पर पहल की आवश्यकता होगी.

उत्तर प्रदेश से तीन बार सांसद रहे वरुण गांधी ने सुझाव दिया, ‘‘मुफ्त उपहारों की घोषणा करने वाली सरकारों (चाहे राज्य हो या केंद्र) को एक वित्त पोषण योजना प्रदान करने की आवश्यकता होनी चाहिए. संसद और राज्य विधानसभा बजटीय समझ को मजबूत करने और कार्य करने की उनकी क्षमता बढ़ाने के लिए, नीतियों को तैयार करने और बजटीय विश्लेषण करने में सहायता के लिए एक बजटीय कार्यालय स्थापित किया जाना चाहिए.’’

शहरी विकास को लेकर बताई चुनौतियां

शहरों के सामने चुनौतियों के बारे में लिखी अपनी पुस्तक के बारे में चर्चा करते हुए गांधी ने कहा कि भारत के शहर अपने मास्टर प्लान में ‘‘कई शहरी हरित स्थानों की आवश्यकता पर विचार करने में विफल’’ रहे हैं. गांधी ने कहा, ‘‘सरकारी स्तर पर, हम अपने शहरों में वनों और ग्रीन जोन के मूल्य और उनके अमूर्त लाभों के बारे में समझ के दिवालियेपन का सामना कर रहे हैं.’’

अपनी बात के समर्थन में वरुण गांधी मुंबई का उदाहरण दिया और कहा कि 1964 और 1991 में शहर की विकास योजनाओं में 20 साल की अवधि के लिए भूमि उपयोग की योजना बनाने की बात की गई थी, लेकिन हरित स्थानों को कमजोर कर दिया गया. उन्होंने कहा कि और अब हर साल, मुंबई के कुछ सबसे महंगे रियल एस्टेट क्षेत्र मानसून की बारिश की बाढ़ में डूब जाते हैं. उन्होंने सिंगापुर के एक उदाहरण का जिक्र करते हुए कहा कि भारत को इस बात पर पुनर्विचार करने की जरूरत है कि वह अपने शहरों का प्रबंधन कैसे करता है ताकि शहरीकरण की प्रक्रिया को धरती के लिए बेहतर बनाने पर जोर दिया जाए.  

वरुण गांधी पिछले कुछ समय से कृषि कानूनों, बेरोजगारी और शासन से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर अपनी पार्टी से स्वतंत्र रुख अपना रहे हैं. उन्होंने अब तक चार किताबें लिखी हैं. इनमें ‘‘द इंडियन मेट्रोपोलिस’’ उनकी नवीनतम पुस्तक है.  

ये भी पढ़ें- UP Budget 2023: साइकिल से विधानसभा पहुंचे सपा विधायक जाहिद बेग, 'शेरवानी' पहनने की बताई दिलचस्प वजह

और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

अब राष्ट्रनायकों के नाम पर योजनाएं, पहले एक ही खानदान था नाम- CM योगी
अब राष्ट्रनायकों के नाम पर योजनाएं, पहले एक ही खानदान था नाम- CM योगी
यूपी में हाईटेक हुई कांवड़ यात्रा, एप से मिल रही जानकारी
यूपी में हाईटेक हुई कांवड़ यात्रा, एप से मिल रही जानकारी
लखनऊ: हर घर तिरंगा अभियान शुरू, 30 हजार युवा हुए शामिल
लखनऊ: हर घर तिरंगा अभियान शुरू, 30 हजार युवा हुए शामिल
लखनऊ: पायल बेचने का राज खुलने का डर, 26 साल के युवक की हत्या
लखनऊ: पायल बेचने का राज खुलने का डर, 26 साल के युवक की हत्या

वीडियोज

Govinda संग Komal Rani Swarnkar हुईं स्पॉट, 4 साल की Dating Rumours फिर चर्चा में
Bhojpuri Bawal में Kajal Raghwani पर भड़के Nirahua, बोले- ‘आप उसी के लायक हो’
Pati Brahmachari: 😯Suraj का फिर दिखा पुराना 'राउडी' अवतार, Isha संग मिलकर मिशन पर निकला हीरो #sbs
Bollywood News: भारतीय फैंस से 2 दिन पहले विदेशी दर्शक देखेंगे 'रामायण', जानें मेकर्स की इस खास रिलीज स्ट्रेटजी के पीछे की वजह (08.08.26)
Ramayana का Global Release! Devendra Fadnavis बोले- Oscar नहीं मिला तो होगी निराशा

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
एयर इंडिया फ्लाइट टर्बुलेंस मामले में एक्शन, दोनों पायलट को रोस्टर से हटाया
एयर इंडिया फ्लाइट टर्बुलेंस मामले में एक्शन, दोनों पायलट को रोस्टर से हटाया
'CJP प्रोटेस्ट में लोग मोदी को ठोकने आए थे', अरविंद केजरीवाल का विवादित बयान
'CJP प्रोटेस्ट में लोग मोदी को ठोकने आए थे', अरविंद केजरीवाल का विवादित बयान
'मुसाफिर कैफे' के ऑडिशन में रिजेक्ट हुई थीं वेदिका पिंटो, फिर ऐसे मिला सुधा का रोल
'मुसाफिर कैफे' के ऑडिशन में रिजेक्ट हुई थीं वेदिका पिंटो, फिर ऐसे मिला सुधा का रोल
ब्रेट ली ने वैभव सूर्यवंशी की उम्र पर दिया अजीब बयान, ऐसा किसी ने भी नहीं कहा
ब्रेट ली ने वैभव सूर्यवंशी की उम्र पर दिया अजीब बयान, ऐसा किसी ने भी नहीं कहा
'आइए हम सब...', हर घर तिरंगा अभियान को लेकर PM मोदी ने की ये अपील
'आइए हम सब...', हर घर तिरंगा अभियान को लेकर PM मोदी ने की ये अपील
अब दोबारा से होगी आरजीकर अस्पताल रेप मर्डर केस की जांच, शुभेंदु सरकार का फैसला
अब दोबारा से होगी RG कर अस्पताल रेप मर्डर केस की जांच, शुभेंदु सरकार का फैसला
स्पेस में कोई एस्ट्रोनॉट क्राइम करे तो कौन देगा सजा, अंतरिक्ष में किसका कानून?
स्पेस में कोई एस्ट्रोनॉट क्राइम करे तो कौन देगा सजा, अंतरिक्ष में किसका कानून?
Video: सजा है या मजा? मेरे रश्के कमर पर सेंट्रल जेल के कैदियों ने लगाए ठुमके
सजा है या मजा? मेरे रश्के कमर पर सेंट्रल जेल के कैदियों ने लगाए ठुमके
Embed widget