Uttarakhand: स्याल्दे में तेंदुए का आतंक, आठ लोगों पर हमला, वन विभाग ने किया ट्रेंकुलाइज
वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर तेंदुए को पकड़ने के प्रयास तेज कर दिए, लेकिन तेंदुआ भागने में सफल रहा. देर शाम बरंगल गांव में तेंदुए ने फिर हमला किया. तेंदूए को ट्रेंकुलाइज किया गया है.

Leopard attack in Almora: अल्मोड़ा जिले के स्याल्दे और देघाट क्षेत्र में तेंदुए के आतंक ने लोगों में दहशत पैदा कर दी है. रविवार को तेंदुए ने अलग-अलग स्थानों पर हमला कर 8 लोगों को घायल कर दिया. घायलों में मजदूर, महिलाएं और ग्रामीण शामिल हैं. वन विभाग की टीम ने तेंदुए को ट्रेंकुलाइज कर अल्मोड़ा स्थित रेस्क्यू सेंटर भेजा. तेंदुए के हमले के बाद क्षेत्र में डर का माहौल है, और लोग शाम होते ही घरों में कैद हो रहे हैं.
रविवार सुबह करीब सात बजे मालभीड़ा क्षेत्र के मंदिर के पास तेंदुए ने दो मजदूरों पर हमला कर दिया. नेपाली मूल के प्रेम और गणेश नामक ये मजदूर सड़क निर्माण कार्य में लगे हुए थे और ठेकेदार द्वारा उपलब्ध कराए गए कमरे में रहते थे. दोनों सुबह काम पर जाने के लिए कमरे से बाहर निकले थे, तभी तेंदुए ने उन पर झपट्टा मारा. उनके चीखने-चिल्लाने की आवाज सुनकर आसपास के लोग दौड़े, जिससे तेंदुआ भाग गया.
1 दिन में 3 घटना सामने आने से डरे लोग
दोनों मजदूरों को गंभीर चोटें आई हैं और उन्हें तत्काल देघाट के अस्पताल में भर्ती कराया गया. घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग के डिप्टी रेंजर जीत सिंह रावत अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे. तेंदुए की तलाश अभी शुरू ही हुई थी कि खल्डुवा गांव के पास दूसरी घटना सामने आ गई. मालभीड़ा की घटना के कुछ ही घंटे बाद खल्डुवा गांव के पास बाजार में धूप सेंक रहे ग्रामीणों पर तेंदुए ने हमला कर दिया. गंगा देवी, कृपाल सिंह और बच्ची देवी पर तेंदुए ने झपट्टा मारा. तीनों घायल हो गए. ग्रामीणों ने तत्काल घायलों को अस्पताल पहुंचाया, जहां उन्हें प्राथमिक उपचार दिया गया.
वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर तेंदुए को पकड़ने के प्रयास तेज कर दिए, लेकिन तेंदुआ भागने में सफल रहा. इस घटना के बाद इलाके में और अधिक डर का माहौल बन गया. देर शाम बरंगल गांव में तेंदुए ने फिर हमला किया. इस बार केशव दत्त, धर्मानंद और गजेंद्र सिंह नामक तीन ग्रामीण घायल हो गए. ग्रामीणों ने तेंदुए को घेरने की कोशिश की, लेकिन तेंदुआ सड़क किनारे गिरकर बेहोश हो गया. अनुमान है कि दिनभर की गतिविधियों और शरीर पर चोटों के कारण तेंदुआ थक गया था.
तेंदूए को ट्रेंकुलाइज कर रेस्क्यू सेंटर भेजा गया
घटना की जानकारी मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और तेंदुए को ट्रेंकुलाइज किया. इसके बाद तेंदुए को सुरक्षित रूप से अल्मोड़ा स्थित रेस्क्यू सेंटर भेज दिया गया. वन विभाग की एसडीओ कोकिला पुंडीर और रेंजर उमेश चंद पांडे ने कर्मचारियों के साथ पूरे क्षेत्र में दिनभर गश्त की. तेंदुए के हमले के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल है. खल्डुवा-नाचुलाखाल ग्रामीण समिति के अध्यक्ष हरी दत्त बलोदी और स्थानीय निवासी हरीश बोरा ने तेंदुए के आतंक से निजात दिलाने की मांग की. उन्होंने बताया कि तेंदुए के डर से लोग शाम होते ही घरों से बाहर निकलने में घबरा रहे हैं.
घटना के बाद विधायक महेश जीना ने अस्पताल पहुंचकर घायलों का हाल जाना. उन्होंने वन विभाग से तेंदुए को पकड़ने के लिए त्वरित कार्रवाई करने का निर्देश दिया. तहसीलदार दीवान गिरि ने भी घायलों का हालचाल लिया. वन विभाग के डिप्टी रेंजर जीत सिंह रावत ने बताया कि घटना के बारे में उच्चाधिकारियों को सूचित कर दिया गया है. तेंदुए को ट्रेंकुलाइज कर रेस्क्यू कर लिया गया है.
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Source: IOCL























