'न मैं हिंदू हूं, न मुसलमान...', मुस्लिम दुकानदार के समर्थन पर घिरे मोहम्मद दीपक का आया बयान
Mohammad Deepak News: उत्तराखंड के कोटद्वार में 70 वर्षीय मुस्लिम दुकानदार के समर्थन में खड़े हुए दीपक कुमार अब विरोध का सामना कर रहे हैं. वीडियो संदेश जारी कर बताया क्या है उनका असली धर्म.

उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल में 70 वर्षीय मुस्लिम दुकानदार के समर्थन में खड़े हुए दीपक कुमार उर्फ मोहम्मद दीपक अब खुद विरोध और नारेबाजी का सामना कर रहे हैं. 26 जनवरी को कोटद्वार में हुई घटना के कुछ दिन बाद 31 जनवरी को 40 से अधिक लोग उनके खिलाफ पार्क में जमा हो गए.
उत्तराखंड के कोटद्वार क्षेत्र में 26 जनवरी को एक वीडियो सामने आया, जिसमें दीपक कुमार एक कथित भीड़ का विरोध करते दिखे. यह भीड़ पास की दुकान चलाने वाले 70 साल के वकील अहमद को दुकान के नाम में ‘बाबा’ शब्द इस्तेमाल करने पर धमका रही थी. घटना पौड़ी गढ़वाल जिले की है, जहां यह दुकान करीब 30 साल से चल रही है.
दीपक ने किया मामले का विरोध
अब इस मामले में एंट्री होती है दीपक कुमार उर्फ मोहम्मद दीपक की, जो इलाके में जिम चलाते हैं. वे उस समय अपने दोस्त की दुकान पर मौजूद थे. उन्होंने सुना कि कुछ लोग वकील अहमद को यह कहते हुए डराने लगे कि वे ‘बाबा’ शब्द का इस्तेमाल नहीं कर सकते क्योंकि वे हिंदू नहीं हैं. दीपक ने बीच-बचाव किया, लेकिन उनसे हस्तक्षेप न करने को कहा गया.
दीपक कैसे बने मोहम्मद दीपक?
इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हुआ जिसमें दीपक भीड़ से सवाल करते नजर आते हैं कि जब अन्य लोग ‘बाबा’ नाम से दुकान चला सकते हैं तो वकील अहमद क्यों नहीं. वे भीड़ से पूछते हैं कि 30 साल पुरानी दुकान का नाम बदलवाना क्या सही है. जब उनसे नाम पूछा गया तो उन्होंने कहा, “मेरा नाम मोहम्मद दीपक है.”
दीपक ने बताया कि उन्होंने गुस्से में यह नाम इसलिए कहा ताकि यह संदेश जाए कि भारत में सभी नागरिक कानून के सामने बराबर हैं. उनके अनुसार, एक बुजुर्ग दुकानदार को केवल धर्म के आधार पर धमकाना गलत है और उन्होंने कोई गलत काम नहीं किया.
दीपक ने रखा अपना पक्ष
दीपक ने एक वीडियो संदेश जारी कर कहा, "जय सियाराम, अस्सलाम वालेकुम, सत श्री अकाल, केम छो. न मैं हिंदू हूं न ही मैं मुसलमान हूं.. सबसे पहले मैं एक इंसान हूं क्योंकि मरने के बाद मुझे जवाब भगवान को देना है, इंसानियत को देना है ना कि किसी धर्म को देना है. कुछ टाइम से आप एक चीज नोटिस कर रहे होंगे कि सोशल मीडिया पर एक वीडियो बहुत तेजी से वायरल हो रही है हिंदू-मुसलमान को लेकर एक इंसान को टारगेट करना मेरे हिसाब से यह गलत है, ऐसा नहीं होना चाहिए. चाहे वह हिंदू हो चाहे मुसलमान हो."
मुझे और मेरे परिवार को मिली धमकियां- दीपक
घटना के बाद 31 जनवरी को कोटद्वार के एक पार्क में 40 से अधिक लोग इकट्ठा हुए और दीपक कुमार के खिलाफ नारे लगाए. टाइम्स ऑफ इंडिया का कहना है कि दीपक का कहना है कि इस दौरान उन्हें और उनके परिवार को धमकियां दी गईं. पुलिस मौके पर मौजूद थी, लेकिन भीड़ नारेबाजी करती रही.
दीपक के अनुसार, शिकायत देने के बावजूद अभी तक एफआईआर दर्ज नहीं हुई है. वहीं कोटद्वार पुलिस स्टेशन के अधिकारियों का कहना है कि शिकायत मिली है, कुछ लोगों की पहचान कर ली गई है और जांच के बाद आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
टॉप हेडलाइंस
Source: IOCL
























