उत्तराखंड: SIR को लेकर बीजेपी की रणनीति तेज, 15 मार्च को देहरादून में जुटेंगे विधायक और पदाधिकारी
Uttarakhand SIR News: इस बैठक का मुख्य उद्देश्य यह तय करना है कि एसआईआर की प्रक्रिया के दौरान पार्टी किस तरह से अपनी भूमिका निभाएगी और संगठनात्मक स्तर पर किस प्रकार कार्य किया जाएगा.

उत्तराखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं. इसी क्रम में पार्टी ने 15 मार्च को देहरादून में एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई है, जिसमें संगठन के शीर्ष नेता, सभी विधायक और प्रमुख पदाधिकारी शामिल होंगे. इस बैठक में एसआईआर को लेकर पार्टी की रणनीति तय की जाएगी और इसे बूथ स्तर तक प्रभावी तरीके से लागू करने पर चर्चा होगी.
दरअसल, आगामी अप्रैल में भारत निर्वाचन आयोग की ओर से मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) किया जाना है. इस प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक दल भी सक्रिय हो गए हैं. इसी कड़ी में भारतीय जनता पार्टी ने संगठनात्मक स्तर पर व्यापक योजना तैयार की है. देहरादून में होने वाली इस बैठक में केंद्रीय नेतृत्व से भी किसी वरिष्ठ नेता के शामिल होने की संभावना है. इसके अलावा पार्टी के प्रदेश प्रभारी दुष्यंत गौतम, सह प्रभारी रेखा वर्मा, प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट सहित संगठन के अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी और प्रदेश के सभी बीजेपी विधायक बैठक में मौजूद रहेंगे.
इस बैठक का मुख्य उद्देश्य यह तय करना है कि एसआईआर की प्रक्रिया के दौरान पार्टी किस तरह से अपनी भूमिका निभाएगी और संगठनात्मक स्तर पर किस प्रकार कार्य किया जाएगा. पार्टी की कोशिश है कि इस प्रक्रिया के माध्यम से मतदाताओं के बीच अपनी पहुंच और संपर्क को और मजबूत किया जाए. उधर निर्वाचन आयोग की ओर से एसआईआर की तैयारी भी तेजी से चल रही है. जानकारी के अनुसार बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) की मैपिंग का 82 प्रतिशत से अधिक कार्य पूरा किया जा चुका है. इसके बाद अब आगामी चरणों की तैयारी की जा रही है.
बीजेपी संगठन ने भी इस प्रक्रिया में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए बूथ स्तर तक अपनी टीम तैयार कर ली है. पार्टी की ओर से बूथ लेवल एजेंट (बीएलए-1 और बीएलए-2) नियुक्त किए जा चुके हैं, जो मतदाता सूची के पुनरीक्षण के दौरान बूथ स्तर पर कार्य करेंगे. इसके अलावा इन एजेंटों की सहायता के लिए अन्य कार्यकर्ताओं को भी जिम्मेदारी दी जाएगी.
पार्टी नेतृत्व का मानना है कि यदि बूथ स्तर तक मजबूत संगठनात्मक तंत्र सक्रिय रहेगा तो मतदाताओं के साथ संवाद और संपर्क और अधिक प्रभावी ढंग से किया जा सकेगा. इसी उद्देश्य से प्रदेश स्तरीय नेताओं की निगरानी में एसआईआर से जुड़े कार्यों को जमीन पर उतारा जाएगा. बीजेपी की यह बैठक आगामी चुनावी तैयारियों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि मतदाता सूची के पुनरीक्षण को संगठन विस्तार और मतदाताओं के साथ संपर्क बढ़ाने के एक बड़े अवसर के रूप में देखा जा रहा है.






















