Israel Iran War: ईरान में फंसे रुड़की के 50 से ज्यादा लोग, पढ़ाई और नौकरी के लिए गए थे युवा, परिजनों में चिंता
Israel Iran War: अमेरिका और इजराइल की ओर से ईरान पर किए गए हमलों के बाद हरिद्वार के मंगलौर और रुड़की क्षेत्र के लोगों की चिंता बढ़ गई है. ईरान में फंसे लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है.

अमेरिका और इजराइल की ओर से ईरान पर किए गए हमलों के बाद हरिद्वार जनपद के मंगलौर और रुड़की क्षेत्र के लोगों की चिंता बढ़ गई है. क्षेत्र के 50 से अधिक युवक और कुछ महिलाएं इस समय ईरान में फंसे हुए हैं. इनमें से कई युवा नौकरी करने गए थे, जबकि कुछ दीनी तालीम हासिल करने के लिए वहां रह रहे हैं.
जानकारी के मुताबिक, मंगलौर कोतवाली क्षेत्र के जैनपुर झंझेडी, टांडा भनेड़ा, मोहल्ला हल्का और पठानपुरा समेत कई इलाकों के परिवारों के सदस्य ईरान में हैं. जैनपुर झंझेडी गांव से ही छह लोग वहां मौजूद हैं. इसके अलावा तीन लोगों की पत्नियां भी ईरान में ही हैं. मोहल्ला हल्का के चार युवक और मोहल्ला पठानपुरा की तीन युवतियां भी वहां फंसी हुई हैं.
मौजूदा तनाव के बीच परिजनों की बढ़ी चिंता
परिजनों के अनुसार, हमलों की खबरों के बाद से लगातार संपर्क साधने की कोशिश की जा रही है. शिया समुदाय के धर्मगुरु मौलाना शिफ्ते हसन ने बताया कि उनका बेटा भी ईरान में शिक्षा ग्रहण कर रहा है. उन्होंने बताया कि सुबह करीब पांच बजे बेटे से बातचीत हुई, जिसमें उसने बताया कि फिलहाल सभी लोग सुरक्षित स्थानों पर हैं. हालांकि हालात को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है, जिससे परिवारों की चिंता कम नहीं हो रही.
रुड़की से तीन लोग ईरान में फंसे
इसी तरह रुड़की से भी तीन परिवार ईरान में हैं, जो करीब 22 वर्ष पहले वहीं जाकर बस गए थे. इधर क्षेत्र में शिया समुदाय के बीच शोक और रंज का माहौल है. मस्जिदों और इमामबाड़ों में मजलिस आयोजित की जा रही है और दुआएं पढ़ी जा रही हैं.
केंद्र और राज्य से सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील
स्थानीय लोगों ने केंद्र और राज्य सरकार से अपील की है कि ईरान में फंसे भारतीयों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए और जरूरत पड़ने पर उन्हें सुरक्षित स्वदेश लाने के लिए कदम उठाए जाएं. फिलहाल सभी की नजरें हालात सामान्य होने और अपनों की सकुशल वापसी पर टिकी हैं.
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Source: IOCL

























