UP News: सड़क हादसा नहीं 9 करोड़ की जमीन के लिए की थी वारिस अली की हत्या, सरकारी शिक्षक समेत 3 गिरफ्तार
UP News In Hindi: मैनपुरी के कुरावली में वारिस अली हत्याकांड में पुलिस ने खुलासा करते हुए बताया कि एक सरकारी शिक्षक समेत तीन आरोपियों ने करोड़ों की जमीन हड़पने के चलते इस हत्या को अंजाम दिया.

उत्तर प्रदेश के मैनपुरी के कुरावली में वारिस अली हत्याकांड का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है. पुलिस के मुताबिक सड़क हादसा दिखाने की कोशिश के पीछे करोड़ों रुपये की जमीन हड़पने की साजिश छिपी थी. मामले में एक सरकारी शिक्षक समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त बलेनो कार, सरिया, तकिया और मृतक का आधार कार्ड भी बरामद किया है.
आरोपियों की वारिस अली की करोड़ों की जमीन पर थी नजर
बीते 20 मई को कुरावली कस्बे के फतेहजंगपुर अंडरपास सर्विस रोड पर मोहल्ला कौआटोला निवासी वारिस अली का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिला था. प्रथम दृष्टया मामला सड़क दुर्घटना का प्रतीत हो रहा था, लेकिन मृतक की पुत्री स्वालिहा की तहरीर पर हत्या का मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की. इसके बाद मामला चुनौतीपूर्ण होने के कारण चार विशेष टीमों का गठन किया गया.
जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पुलिस को पता चला कि वारिस अली की ऑन रोड करोड़ों रुपये कीमत की जमीन पर आरोपियों की नजर थी. पुलिस के अनुसार मुख्य आरोपी अरुण कुमार, जो पेशे से सरकारी शिक्षक है, उसने वारिस अली से 35 लाख रुपये में एक प्लॉट खरीदने की बात कही थी, लेकिन कथित रूप से अपने ड्राइवर के नाम करीब 12.5 बीघा जमीन का बैनामा करा लिया. इस जमीन की कीमत लगभग 9 करोड़ रुपये बताई जा रही है.
राजीव कृष्ण हो सकते हैं यूपी के स्थायी DGP, सरकार जल्द जारी कर सकती है आदेश
साजिस के खुलासे के डर से अरुण कुमार ने की हत्या
पुलिस का दावा है कि साजिश का खुलासा होने के डर से अरुण कुमार ने अपने साथियों रविंद्र सोलंकी और ऋषिबाबू के साथ मिलकर वारिस अली की हत्या की योजना बनाई. 19 मई को मौका मिलने पर आरोपियों ने वारिस अली की हत्या कर दी और घटना को दुर्घटना का रूप देने के लिए शव को फतेहजंगपुर अंडरपास सर्विस रोड पर फेंक दिया. पुलिस के मुताबिक घटना के दौरान मास्टरमाइंड अरुण ने खुद को बचाने के लिए मोबाइल चालू रखा और विभिन्न स्थानों पर सीसीटीवी कैमरों में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई, जबकि अन्य आरोपियों ने अपने मोबाइल फोन बंद कर दिए थे.
पुलिस ने गहन विवेचना के बाद आरोपी अरुण कुमार निवासी रसेमर, रविंद्र सोलंकी निवासी प्रेमपुरा और ऋषिबाबू निवासी गगरपुर को गिरफ्तार कर लिया. उनकी निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त बलेनो कार, हत्या में इस्तेमाल सरिया, तकिया और मृतक का आधार कार्ड बरामद किया गया.
गंगा सफाई में नहीं चलेगी कागजी खानापूर्ति, देहरादून डीएम ने अधिकारियों को दी सख्त चेतावनी
टॉप हेडलाइंस
Source: IOCL























