UP SIR Draft Voter List: यूपी में नाम कटने के सारे रिकॉर्ड टूटे! बिहार-पश्चिम बंगाल समेत तमाम राज्यों को छोड़ा पीछे
UP SIR Draft Voter List 2026: उत्तर प्रदेश में एसआईआर की प्रकिया में 2.89 करोड़ वोटरों के नाम कट गए हैं, जो अपने आप में एक रिकॉर्ड संख्या है. अन्य राज्यों के मुकाबले सबसे ज्यादा वोट यूपी में कटे हैं.

उत्तर प्रदेश में एसआईआर की प्रक्रिया के बाद जारी ड्राफ्ट में 2.89 करोड़ वोटरों के नाम कट गए हैं, जो अपने आप में एक रिकॉर्ड है. हाल में देश की जिन भी राज्यों में एसआईआर हुआ है उनमें से किसी भी इतनी बड़ी संख्या में वोट नहीं कटे हैं, जितने यूपी में कटे हैं. जिसके बाद प्रदेश की सियासत में घमासान मच गया है.
चुनाव आयोग ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया के बाद मंगलवार को ड्राफ्ट जारी कर दिया गया. इस लिस्ट में 12.55 करोड़ मतदाताओं के नाम शामिल हैं जबकि पहले यूपी की वोटर लिस्ट में 15.44 करोड़ वोटरों के नाम शामिल थे. इस लिहाज से एसआईआर प्रक्रिया में प्रदेश के 2.89 करोड़ वोटरों के नाम कट गए हैं.
यूपी में रिकॉर्ड संख्या में कटे नाम
देश में बीते कुछ समय में जिन भी राज्यों में एसआईआर प्रक्रिया की गई उनमें सबसे ज्यादा वोट उत्तर प्रदेश में कटे. यूपी में वोट कटने के मामले में बिहार, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु समेत तमाम राज्यों को पीछे छोड़ दिया है. आंकड़ों के मुताबिक-
उ्तर प्रदेश में 27 अक्टूबर 2025 तक कुल 15.44 करोड़ वोटर थे. एसआईआर में इस राज्य से 2.89 करोड़ वोटरों के नाम कट गए हैं. वहीं मध्य प्रदेश में 5.74 करोड़ वोटर थे लेकिन, एसआईआर में 42.47 लाख वोटरों के नाम कट गए. छत्तीसगढ़ राज्य में कुल 2.12 करोड़ वोटरों में से 27.34 लाख वोट कटे गए. राजस्थान में 5.47 करोड़ में से 41.85 वोटरों के नाम कटे. पश्चिम बंगाल की बात करें तो यहां 7.66 करोड़ में से 58.20 वोट कट गए.
पश्चिम बंगाल, बिहार को भी छोड़ा पीछे
इसी तरह गुजरात, तमिलनाडु, केरल, गोवा, पुडुचेरी, अंडमान निकोबार और लक्षदीप में भी वोटरों के नाम कटे हैं. इन आंकड़ों से साफ हैं कि उत्तर प्रदेश में रिकॉर्ड संख्या में मतादाता सूची से सबसे ज्यादा वोटरों के नाम कटे हैं. चुनाव आयोग के मुताबिक इनमें कुछ लोग स्थानांतरित कर गए है, किसी की मृत्यु या डबल वोट होने की वजह से उनके नाम कटे हैं.
चुनाव आयोग ने कहा कि अगर किसी का नाम वोटर लिस्ट में शामिल नहीं है या किसी कोई अवैध वोट शामिल हो गया है तो 6 फरवरी तक इस संबंध में आपत्ति दर्ज की जा सकती है. 27 फरवरी तक तमाम आपत्तियों का निस्तारण किया जाएगा और 6 मार्च को फ़ाइनल वोटर लिस्ट जारी होगी.























