यूपी में SIR के आखिरी दो दिनों से पहले बड़ा फैसला, सभी 403 विधानसभा सीटों पर होगा लागू
UP Voter List Revision 2026: सभी विधानसभाओं के मतदाता सहायता केन्द्रों पर प्रत्येक कार्य दिवस में सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक संबंधित बूथ लेवल अधिकारी की उपस्थिति अनिवार्य होगी.

उत्तर प्रदेश की मतदाता सूची के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण-2026 (SIR) अभियान के अंतर्गत प्रदेश के सभी विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों में मतदाताओं की सुविधा के लिए प्रत्येक मतदान केंद्र पर मतदाता सहायता केन्द्र (Voter Assistance Centre) स्थापित किए जाएंगे. इस संबंध में सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी किए गए हैं. विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण कार्यक्रम के तहत 06 जनवरी, 2026 को आलेख्य मतदाता सूची (ड्राफ्ट लिस्ट) प्रकाशित की जा चुकी है, और 06 जनवरी 2026 से ही दावे एवं आपत्तियां प्राप्त की जा रही हैं.
मुख्य निर्वाचान अधिकारी (CEO) कार्यालय द्वारा इस संबंध में बुधवार को सभी जिलों को पत्र जारी कर निर्देश दिए गए. इस प्रक्रिया को मतदाताओं के लिए अधिक सरल बनाने के उद्देश्य से मतदान केंद्रों पर मतदाता सहायता केन्द्र स्थापित किए जाने के निर्देश दिए गए हैं. इससे मिल रहीं तमाम शिकायतों पर रोक के साथ ही मतदाताओं की दिक्कतें कम होंगी.
10-12 बजे तक BLO की मौजूदगी अनिवार्य
मतदाता सहायता केन्द्रों पर सोमवार से शनिवार में सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक संबंधित क्षेत्र के बूथ लेवल अधिकारी की मौजूदगी अनिवार्य होगी. बूथ लेवल अधिकारी (BLO) के पास 06 जनवरी 2026 को प्रकाशित आलेख्य मतदाता सूची (ड्राफ्ट लिस्ट), पिछले विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण 2003 (SIR 2003) की अन्तिम मतदाता सूची तथा मृतक, स्थानांतरित, अनुपस्थित एवं दोहरी प्रविष्टि (डुप्लीकेट) की सूची भी उपलब्ध रहेगी. साथ ही पर्याप्त मात्रा में फार्म-6, 7, 8 और घोषणा पत्र भी उपलब्ध रहेंगे. मतदाता सहायता केन्द्र पर 2003 की मतदाता सूची से मैपिंग और फार्म-6, 7, 8 को भरने में बूथ लेवल अधिकारी द्वारा पात्र नागरिकों को सहायता प्रदान किये जाने हेतु भी निर्देश दिए गए हैं.
जिला निर्वाचन अधिकारियों को प्रचार-प्रसार के निर्देश
पत्र में सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि मतदाता सहायता केन्द्रों की स्थापना एवं उनकी कार्यप्रणाली का ज्यादा से ज्यादा प्रचार-प्रसार प्रिंट मीडिया, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया तथा सोशल मीडिया के माध्यम से किया जाए, ताकि अधिक से अधिक मतदाता इस सुविधा का लाभ उठा सकें. इसमें लापरवाही पर कार्रवाई भी हो सकती है. क्यूंकि इसका उद्देश्य अधिक से अधिक तक मतदाताओं तक पहुंचना है.























