ब्रजेश पाठक ने लिखी शायरी तो अखिलेश यादव ने कसा तंज, सीएम का नाम लिए बिना कहा- उन्हें बुरा लग गया तो...
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और कन्नौज सांसद अखिलेश यादव ने उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक को तंजिया लहजे में खास सलाह दी है.

Samajwadi Party के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने राज्य के उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक को खास सलाह दी है. तंजिया लहजे में दी गई सलाह में अखिलेश ने इशारों में मुख्मयंत्री योगी आदित्यनाथ का भी जिक्र किया है.
दरसअल, सपा प्रमुख और ब्रजेश के बीच जारी तू-तू-मैं-मैं के दौरान डिप्टी सीएम ने एक पोस्ट में शायरी लिखी. अखिलेश ने इसी पर तंज कसा है.
सपा चीफ ने लिखा कि उर्दू की शायरी करके जो भाजपाई लोग अपने ही दल में जिसका अप्रत्यक्ष विरोध कर रहे हैं, उन्हें बुरा लग गया तो आप पर राजनीतिक बुलडोज़र चलते देर नहीं लगेगी. उनकी सियासी सेहत के लिए एक सलाह: उप रहे, चुप रहें.
बता दें सोमवार, 19 मई की सुबह ही ब्रजेश ने अखिलेश को संबोधित एक पोस्ट लिखी. इसके आखिरी में डिप्टी सीएम ने लिखा था- उम्र भर ग़ालिब यही भूल करता रहा, धूल चेहरे पे थी आइना साफ़ करता रहा. अखिलेश ने इसी शायरी की ओर इशारा करते हुए डिप्टी सीएम पर तंज कसा.
ब्रजेश ने क्या लिखा था?
अपनी पोस्ट में उन्होंने कहा था कि अखिलेश यादव, आप डीएनए के सवाल पर बहुत भड़के हुए हैं. मैने ये कह क्या दिया कि समाजवादी पार्टी के डीएनए में ख़राबी है, आप आपे से उसी तरह बाहर हो गए जैसे दस साल पहले यूपी की सत्ता से बाहर हो गए थे. आप इस बात को समझिए कि डीएनए में खराबी से हमारा मतलब किसी व्यक्ति विशेष से नहीं, बल्कि आपकी पार्टी की राजनीतिक सोच से है. डीएनए में खराबी का मतलब ये है कि आपकी पार्टी की राजनीति की बुनियाद ही जातिवाद और तुष्टीकरण पर टिकी रही है और आज भी टिकी हुई है.
उन्होंने लिखा था कि समाजवादी पार्टी ने कभी सबका साथ-सबका विकास की बात की ही नहीं. आपकी प्राथमिकता ही हमेशा वोटबैंक की राजनीति रही है, नीतियों और आदर्शों से आपका दूर दूर तक का लेना देना नहीं रहा है.
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