लोकसभा में बोले अखिलेश यादव- एक 'प्रधान' हटाकर, आपने 'प्रधानमंत्री' बचा लिया
Samajwadi Party के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने केंद्र की मोदी सरकार पर तीखी टिप्पणी की. अखिलेश ने दावा किया कि बीजेपी की 10 साल की सरकार में 20 परीक्षाएं लीक हुईं.

उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने लोक परीक्षा संशोधन विधेयक पर चर्चा के दौरान बड़ा बयान दिया. अखिलेश ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान को हटाकर, प्रधान को बचा लिया गया.
समाजवादी पार्टी प्रमुख ने युवाओं के आंदोलन का जिक्र करते हुए कहा कि वह इसे काफी समय से दूर से देख रहे थे. उन्होंने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, झुकाने वाला चाहिए, सरकार झुकती है. उन्होंने बिना नाम लिए एक मंत्री के लौटने और उनके स्वागत का भी जिक्र किया और कहा कि उससे उन्हें कोई परेशानी नहीं है. साथ ही उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि एक प्रधान को हटाकर एक प्रधान को बचा लिया.
झुकाने वाला चाहिए, सरकार भी झुकती है- अखिलेश
सपा चीफ ने कहा कि यूपी जैसे स्टेट में पेपर लीक हो रहा है, जहां से प्रधानमंत्री चुन कर आ रहे हैं. समाजवादी पार्टी प्रमुख ने कहा कि बीजेपी वचन नहीं, बल्कि जुमले देती है. उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि सरकार युवाओं की सभी मांगों को स्वीकार करेगी. उन्होंने कहा कि जो आंदोलन शुरुआत में मजाक लग रहा था, वह इतना गंभीर हो गया कि सरकार को धरने की अनुमति देनी पड़ी.

उन्होंने किसानों के आंदोलन का जिक्र करते हुए कहा कि पहले धरने पर बैठने नहीं दिया गया, लेकिन जब चुनाव नजदीक आए तो सरकार ने तीनों कृषि कानून वापस ले लिए. उन्होंने कहा, झुकाने वाला चाहिए, सरकार भी झुकती है.
'विपक्ष को डर है कि कहीं...'
कन्नौज सांसद ने दावा किया कि यह पहला ऐसा आंदोलन था जिसमें युवाओं के साथ उनके माता-पिता भी खुलकर जुड़े और उन्हें आंदोलन में शामिल होने के लिए प्रेरित किया. उन्होंने कहा कि यह आंदोलन सिर्फ दिल्ली तक सीमित नहीं रहा. पेपर लीक के मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए उन्होंने कहा, जो लोग चढ़ावा नहीं बचा पाए, वे पेपर लीक क्या बचाएंगे, किसकी आंखों में धूल झोंक रहे हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि अब तक 20 भर्ती परीक्षाओं के पेपर लीक हो चुके हैं.
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समाजवादी पार्टी प्रमुख ने सरकार पर आउटसोर्सिंग को लेकर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष को डर है कि कहीं सरकार पूरे शासन को ही आउटसोर्स न कर दे. उन्होंने कहा कि जब राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) तक को आउटसोर्स किया गया है तो आखिर इसकी जवाबदेही किसकी है. उन्होंने कहा, आखिरकार जवाबदेही किसकी थी? उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी सरकार आने के बाद से ही शिक्षा और परीक्षा व्यवस्था को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है और सरकार की नीतियों के चलते पूरी व्यवस्था ध्वस्त होती जा रही है.
























