महोबा में बीज वितरण में बड़ा खेल! किसानों ने काटा हंगामा
Mahoba News In Hindi: विकलांग कल्याण समिति और भारतीय किसान संघ ने संयुक्त रूप से जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है.

उत्तर प्रदेश के महोबा में किसानों को मिलने वाले मूंगफली, उड़द और मूंग के सरकारी बीजों में बड़े घोटाले की आशंका के चलते विकलांग कल्याण समिति और भारतीय किसान संघ ने मोर्चा खोल दिया है. कलेक्ट्रेट पहुंचकर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपते हुए आरोप लगाया कि कृषि विभाग ने बीजों के वितरण में भारी धांधली की है. मांग न माने जाने पर भूख हड़ताल की चेतावनी दी गई है.
विकलांग कल्याण समिति और भारतीय किसान संघ ने संयुक्त रूप से जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है. आरोप है कि जिला स्तर पर आई करीब 10,000 कुंतल मूंगफली के बीजों को FPO के जरिए बांटा जाना था, लेकिन कृषि विभाग के अधिकारियों ने नियमों को ताक पर रखकर खुद इसका वितरण कराया.
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किसानों का अवैध वसूली का आरोप
किसानों का दावा है कि प्रति कुंतल 2,000 से 2,500 रुपये तक की अवैध वसूली की गई और कई किसानों को रसीद तक नहीं दी गई. इसके अलावा, एक हेक्टेयर पर निर्धारित एक कुंतल बीज देने के बजाय किसानों से बायोमेट्रिक अंगूठा लगवाकर बेहद कम मात्रा दी गई या मूंगफली की जगह वैकल्पिक रूप से उड़द और मूंग के बीज थमा दिए गए. समिति के प्रतिनिधियों का कहना है कि बीज मई-जून में ही आ चुके थे, लेकिन इन्हें तब बांटा गया जब बुवाई का समय निकल चुका था.
किसान नेताओं ने आरोप लगाया कि कृषि विभाग के आला अधिकारियों की मिलीभगत के बिना इतना बड़ा घोटाला संभव नहीं है. मांग की गई है कि मामले की जांच किसी निष्पक्ष एजेंसी से कराई जाए और सभी ऑनलाइन, स्टॉक व बायोमेट्रिक रिकॉर्ड्स को तुरंत सील किया जाए.
सात दिनों में कार्रवाई की चेतावनी
भारतीय किसान संघ के जिलाध्यक्ष स्वर्धन सिंह ने कहा कि बीज, खाद से लेकर अपनी उपज बेचने तक के लिए किसान दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर हैं. समय पर खाद-बीज न मिलना किसानों की सबसे बड़ी समस्या बन चुका है. किसान नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि 7 दिनों के भीतर पारदर्शी जांच शुरू कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं की गई, तो वे कलेक्ट्रेट परिसर में भूख हड़ताल और उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे.
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