यूपी पुलिस SI परीक्षा में 'पंडित' सवाल पर घमासान, ब्रजेश पाठक बोले- यह बिल्कुल स्वीकार्य नहीं
UP Police SI Exam: डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कहा कि यूपी पुलिस भर्ती परीक्षा में आए एक प्रश्न को लेकर जो विकल्प दिए गए, उन पर हमें कड़ी आपत्ति है. सरकार ने गंभीरता से संज्ञान में लिया है.

यूपी पुलिस एसआई भर्ती परीक्षा के हिंदी पेपर में आपत्तिजनक प्रश्न पूछे जाने पर विवाद खड़ा हो गया है. 'अवसर के अनुसार बदल जाने वाला' सवाल में 'पंडित' विकल्प शामिल करने पर आपत्ति जताई गई है. इस पर राजनीतिक घमासान मच गया है. बीजेपी के प्रदेश मंत्री अभिजात मिश्र ने CM योगी आदित्यनाथ को इस बारे में शिकायत लिखी है. उन्होंने प्रश्न को विशेष समुदाय की भावनाएं आहत करने वाला बताते हुए जांच की मांग की है. डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने भी इसे लेकर कड़ी नाराजगी जताई है. उन्होंने कहा कि किसी भी प्रश्न से किसी समाज की गरिमा को ठेस पहुंचती है तो यह स्वीकार्य नहीं है.
डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने सोशल मीडिया पर लिखा, ''उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती परीक्षा में आए एक प्रश्न को लेकर जो विकल्प दिए गए उन पर हमें कड़ी आपत्ति है. सरकार ने गंभीरता से संज्ञान में लिया है. किसी भी प्रश्न से किसी समाज या वर्ग की गरिमा को ठेस पहुंचती है तो यह बिल्कुल स्वीकार्य नहीं है.''
पूरे मामले की तत्काल जांच के निर्देश दिए गए- ब्रजेश पाठक
उन्होंने आगे लिखा, ''मैं स्पष्ट कहना चाहता हूं कि किसी भी जाति, समुदाय या परंपरा के प्रति अपमानजनक शब्दों को कोई स्थान नहीं मिलना चाहिए. इस पूरे मामले की तत्काल जांच के निर्देश दिए गए हैं. संबंधित जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. यूपी सरकार सभी समाजों के सम्मान, समानता और संवेदनशीलता के सिद्धांत पर काम करती है. प्रदेश के हर नागरिक की गरिमा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है.''
जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग
पेपर सेट करने वाली कमेटी के जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की गई है. विवादित प्रश्न को आधिकारिक रूप से अस्वीकार कर सुधार करने की मांग और साथ ही भविष्य में परीक्षा पत्र तैयार करते समय संवेदनशीलता और निष्पक्षता बरतने की अपील की गई है.
कांग्रेस का सीएम योगी पर निशाना
योगी आदित्यनाथ सरकार की ओर से कराई गई प्रतियोगी परीक्षा में 'पंडित' को अवसरवादी बताने पर वरिष्ठ कांग्रेस नेता और प्रवक्ता अंशू अवस्थी ने पलटवार किया है. उन्होंने कहा, ''योगी आदित्यनाथ जी जातिवादी मानसिकता से ग्रसित होकर ब्राह्मणों से नफरत कर निशाना बना रहे हैं. मुख्यमंत्री आपको ब्राह्मण समाज से इतनी नफरत क्यों है? जवाब दीजिए.
बीजेपी की मानसिकता अब ब्राह्मण विरोधी भी बन गई- कांग्रेस
कांग्रेस प्रवक्ता ने आरोप लगाते हुए आगे कहा, ''सनातन धर्म के शीर्ष संत शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद जी को मुख्यमंत्री ने अपमानित किया, उनके शिष्यों को पिटवाया, शिखा खींचकर घसीटा गया, उसके बाद घूसखोर पंडित पिक्चर बनती है और अब प्रतियोगी परीक्षा में 'पंडित' को अवसरवादी बताया गया, यह बीजेपी योगी आदित्यनाथ सरकार का ब्राह्मण से घृणा करने वाला नफरत भरा चेहरा है. योगी और भाजपा की मानसिकता दलित विरोधी तो थी ही, अब ब्राह्मण विरोधी भी बन गई है. योगी सरकार में हजारों ब्राह्मणों को निशाना बनाकर मारा गया.''
हिन्दू महासभा ने भी जताई आपत्ति
वहीं, हिन्दू महासभा ने भी आपत्ति जताते हुए प्रश्नपत्र बनाने वाले के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की मांग की है. वहीं बीजेपी प्रदेश मंत्री अभिजात मिश्र ने भी आवाज बुलंद करते हुए सीएम योगी को पत्र लिखकर प्रश्नपत्र बनाने वाले के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है.
क्या पूछा गया था प्रश्न और क्या थे विकल्प?
यूपी एसआई भर्ती परीक्षा के एक प्रश्न में पूछा गया है कि ‘अवसर के अनुसार बदलने वाला’ इस वाक्यांश के लिए एक शब्द का चयन कीजिए. इसमें चार विकल्प दिए गए थे. पहला विकल्प पंडित, दूसरा विकल्प अवसरवादी, तीसरा निष्कपट और चौथा विकल्प सदाचारी है. विकल्प 'पंडित' को लेकर ही विवाद गहरा गया है.
बता दें कि यूपी पुलिस एसआई, नागरिक पुलिस और समकक्ष पदों पर सीधी भर्ती के लिए लिखित परीक्षा शनिवार (14 मार्च) से शुरू हो गई है. यह परीक्षा 14 और 15 मार्च को प्रदेश के 75 जिलों में आयोजित की जा रही है. सुबह से ही परीक्षा केंद्र पर भीड़ देखने को मिली. जानकारी के अनुसार बोर्ड की ओर से 4543 पदों पर भर्ती के लिए यह परीक्षा आयोजित की जा रही है. भर्ती के लिए कुल 1575760 अभ्यर्थियों ने ऑनलाइन आवेदन किया, जिनमें 1166386 पुरुष और 409374 महिलाएं शामिल हैं.
टॉप हेडलाइंस
Source: IOCL























