Noida GST ऑफिस में रिश्वत कांड,अधिकारी 45,000 रुपये लेते रंगे हाथ गिरफ्तार
जीएसटी प्रशासनिक अधिकारी सत्येंद्र बहादुर सिंह को मेरठ विजिलेंस टीम ने 45,000 रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है. जिसके बाद विभाग में हड़कम्प मचा हुआ है.

UP News: नोएडा के सेक्टर-148 स्थित जीएसटी कार्यालय में भ्रष्टाचार का सनसनीखेज मामला सामने आया है. जीएसटी प्रशासनिक अधिकारी सत्येंद्र बहादुर सिंह को मेरठ विजिलेंस टीम ने 45,000 रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है. इस कार्रवाई ने जीएसटी विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार को उजागर किया है और शासन की भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति को मजबूती से रेखांकित किया है.
जानकारी के अनुसार, 'रामाटेक' नामक एक फर्म, जो 2016 से कंप्यूटर रिपेयरिंग का व्यवसाय कर रही है, को जीएसटी कार्यालय से सूचना मिली कि वर्ष 2016-17 और 2017-18 का असेसमेंट लंबित है. फर्म पर 4.55 लाख रुपये का बकाया बताया गया. जब फर्म का प्रतिनिधि कार्यालय पहुंचा, तो आरोपी अधिकारी सत्येंद्र बहादुर सिंह ने कार्रवाई से बचाने के लिए 50,000 रुपये की रिश्वत मांगी. लंबी बातचीत के बाद रिश्वत की राशि 45,000 रुपये पर तय हुई.
विजिलेसं में शिकायत
हालांकि, पीड़ित व्यापारी ने रिश्वत देने से इनकार कर मेरठ विजिलेंस टीम से इसकी शिकायत की. विजिलेंस ने योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया और सत्येंद्र बहादुर सिंह को रिश्वत लेते हुए धर दबोचा. मेरठ विजिलेंस के अधिकारियों ने बताया कि आरोपी के खिलाफ थाना नॉलेज पार्क में मुकदमा दर्ज किया जा रहा है और कानूनी कार्रवाई शुरू हो गई है.
विभागीय जांच शुरू
जीएसटी अधिकारी संदीप ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि मामले की जानकारी मिली है और विभाग ने इसकी आंतरिक जांच शुरू कर दी है. उन्होंने भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया. जबकि विभाग में चल रहे इस खेल से अधिकारी कैसे अनजान ये अपने आप में अभी बड़ा सवाल है.
सरकारी विभागों की खुली पोल
यह घटना नोएडा में सरकारी विभागों में भ्रष्टाचार की गहरी जड़ों को दर्शाती है. विजिलेंस की इस कार्रवाई से व्यापारियों में भरोसा जगा है कि भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ शिकायत करने पर त्वरित कार्रवाई संभव है. इस मामले ने एक बार फिर भ्रष्टाचार के खिलाफ कठोर कदम उठाने की जरूरत को रेखांकित किया है.
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Source: IOCL





















