UP Flood: यूपी में 21 जिलें बाढ़ से प्रभावित, कितने लाख लोगों पर असर, योगी सरकार ने क्या कदम उठाया?
UP Flood Disaster: यूपी में बाढ़ प्रभावित इलाकों में अब तक 1 लाख 20 हजार से अधिक खाद्यान्न पैकेट और 1 लाख 63 हजार से अधिक लंच पैकेट वितरित किये गये. वहीं 39 से अधिक लंगर से पीड़ितों को भोजन परोसा जा रहा.

उत्तर प्रदेश में बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत कार्यों में तेजी लाने, पीड़ितों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ निर्देश के बाद अतिसंवेदनशील और संवेदनशील जिलों के अधिकारी हरकत में आ गये हैं. सीएम योगी के निर्देश के बाद अधिकारी अपने जिलों में बाढ़ की स्थितियों पर लगातार नजर बनाए रखे हैं.
इसके साथ ही राहत कार्यों के लिए एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और पीएसी की टीमें भी मुस्तैदी से लोगों को राहत देने में लगी हुई हैं. बाढ़ के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए प्रदेश के 57 जिलों में एनडीआरएफ की 14, एसडीआरएफ की 15 और पीएसी की 48 टीमों को तैनात किया गया है.
एक लाख से ज्यादा बाढ़ से प्रभावित लोगों को दी गयी राहत
राहत आयुक्त भानु चंद्र गोस्वामी ने बताया कि वर्तमान में प्रदेश के 21 जिलों की 48 तहसीलें प्रभावित हैं. इन इलाकों में बाढ़ से 1,72, 255 लोग प्रभावित हैं. इन सभी को राहत प्रदान की गयी है.
उन्होंने बताया कि बाढ़ की वजह से 20,336 मवेशियों को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट किया गया है. 356 बाढ़ प्रभावितों को आवास के लिए सहायता एवं राहत पहुंचाई जा चुकी है. प्रभावित क्षेत्रों में 1,196 नावों और मोटरबोट्स की सहायता से राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है.
भानु चंद्र गोस्वामी ने बताया कि 4,867 नावों को प्रीपोजीशंड किया गया है. इन इलाकों में अब तक लगभग 1,20,00 खाद्यान्न पैकेट और 1,63,548 लंच पैकेट वितरित किये जा चुके हैं. वर्तमान में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में 39 से ज्यादा लंगर के जरिये पीड़ितों को भोजन की सुविधा दी जा रही है.
बाढ़ पीड़ितों और मावेशियों का रखा जा रहा पूरा ध्यान
उन्होंने बताया कि योगी सरकार द्वारा बाढ़ प्रभावित इलाकों में पीड़ितों के साथ मवेशियों की सुरक्षा और उनके खाने-पीने का भी पूरा ध्यान रखा जा रहा है. अब तक मवेशियों के लिए 3,560 कुंटल भूसा वितरित जा चुका है. इसके अलावा 1,72,190 क्लोरीन टेबलेट और 1,29,342 ओआरएस पैकेट भी वितरित किए जा चुके हैं ताकि जलजनित बीमारियों पर नियंत्रण पाया जा सके.
लोगों सुरक्षित स्थान पर किया गया शिफ्ट
साथ ही उन्होंने बताया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लिए कुल 959 बाढ़ शरणालय स्थापित है, जिनमें बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में अधिकांशतः संचालित हैं, जहां 18,772 लोग अस्थायी रूप से निवास कर रहे हैं. अब तक इन सभी का 846 मेडिकल टीमों द्वारा मेडिकल चेकअप किया जा रहा है.
राहत आयुक्त ने बताया कि 1,277 बाढ़ चौकियों की स्थापना की गई है, जो प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति पर निगरानी रख रही है. अब तक 38,615 लोगों को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट किया गया है.
ये जिले बाढ़ से हैं प्रभावित
उन्होंने बताया कि वर्तमान में प्रदेश के 21 जिले बाढ़ से प्रभावित हैं. इनमें कानपुर नगर, लखीमपुर खीरी, आगरा, औरैया, चित्रकूट, बलिया, बांदा, गाज़ीपुर, मीरजापुर, प्रयागराज, वाराणसी, चंदौली, जालौन, कानपुर देहात, हमीरपुर, इटावा, फतेहपुर, भदोही, फर्रुखाबाद, कासगंज शामिल हैं. इन सभी जिलों में राहत कार्य तेजी से चल रहे हैं. वहीं एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और पीएसी के जवानों द्वारा पेट्रोलिंग की जा रही है.
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