अमेठी में जनगणना प्रशिक्षण के दौरान परोसा गया बासी खाना, नाराज शिक्षकों ने किया जमकर हंगामा
Amethi News: शिक्षकों ने आरोप लगाया कि जब उन्होंने खाने के पैकेट खोले तो उसमें से तेज बदबू आ रही थी और वो खाने के लायक नहीं था, जिसके बाद उन्होंने कड़ी नाराजगी जताई.

उत्तर प्रदेश के अमेठी में जनगणना की तैयारी को लेकर प्रशिक्षण के दौरान उस समय हंगामा हो गया जब शिक्षकों को दिए गए लंच पैकेट से बदबू आने लगी. जिसके बाद शिक्षकों और कर्मचारियों ने कड़ी नाराजगी जताई और खाना खाने से इनकार कर दिया. उन्होंने ठेकेदार पर लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाया और कार्रवाई की माँग की.
दरअसल अमेठी में गौरीगंज तहसील क्षेत्र के जामो ब्लॉक सभागार में जनगणना प्रशिक्षण का आयोजन किया गया था. दोपहर के समय लंच ब्रेक में ट्रेनिंग में आए शिक्षकों को खाने के पैकेट दिए गए थे. लेकिन, जैसे ही शिक्षकों ने पैकेट खोले उसमें से रद्दी और बासी खाने की गंध आने लगी. जिसके बाद शिक्षकों का पारा हाई हो गया. जिसके बाद उन्होंने ख़राब भोजन को खाने से ही इनकार कर दिया और खराब भोजन को कूड़े में फेंक दिया.
शिक्षकों ने लगाया ख़राब खाना परोसने का आरोप
शिक्षकों का कहना था कि यदि वे इस भोजन का सेवन करते तो उनकी तबीयत खराब हो सकती थी. उन्होंने ठेकेदार पर आरोप लगाते हुए कहा कि इतनी बड़ी संख्या में लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ किया गया है, इसलिए संबंधित वेंडर के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए. शिक्षक संघ के अध्यक्ष राम नंद द्विवेदी ने बताया कि भोजन बेहद घटिया गुणवत्ता का था और उसमें से तेज बदबू आ रही थी.
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ट्रेनिंग में आए शिक्षक ओम नारायण पांडेय ने कहा कि खराब भोजन के कारण सभी ने खाना फेंक दिया और जांच की मांग की है. शिक्षक संघ की ओर से मामले की सूचना एसडीएम गौरीगंज को दे दी गई है.
प्रशासन ने दिया कड़ी कार्रवाई का भरोसा
इस पूरे विवाद पर उप जिलाधिकारी गौरीगंज प्रीति तिवारी ने कहा कि शिकायत मिलते ही तहसीलदार को मौके पर जांच के निर्देश दिए गए हैं. उन्होंने बताया कि संबंधित वेंडर गौरीगंज, शाहगढ़ और जामो—तीनों ब्लॉकों में भोजन सप्लाई कर रहा था. लेकिन, शिकायत केवल जामो ब्लॉक से ही प्राप्त हुई है. भोजन का सैंपल मंगवाकर जांच कराई जा रही है.
एसडीएम ने स्पष्ट किया कि यदि जांच में भोजन की गुणवत्ता खराब पाई जाती है, तो वेंडर का भुगतान निरस्त करते हुए उसके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी. बता दें कि यूपी में मई महीने से जनगणना की शुरुआत हो रही है. पहले चरण में मकान गणना की जाएगी इसके बाद जनगणना कराई जाएगी.
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Source: IOCL


























