'गाजी की मजार पर कितना चढ़ावा..', योगी के मंत्री ने राम मंदिर को लेकर अखिलेश यादव पर किया पलटवार
UP Politics: उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री अनिल राजभर ने विरोधी दलों पर राम मंदिर के चढ़ावे को लेकर तीखा हमला किया है. उन्होंने कहा कि आज भी कई लोगों के दिमाग में रावण का जिन्न बैठा हुआ हैं.

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले सूबे में जुबानी जंग तेज हो चुकी है. जहां एक तरफ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रामायण प्रसंग का हवाला देते हुए विरोधी दलों को आड़े हाथों लिया तो वहीं उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर ने भी विरोधियों पर बड़ा हमला किया है. अनिल राजभर ने सीएम योगी की बात को आगे बढ़ाते हुए कहा कि अभी भी बहुत से लोगों के दिमाग में रावण का जिन्न घुसा हुआ है.
कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर ने वाराणसी में एबीपी न्यूज़ से खास बातचीत की, जिसमें उन्होंने सीएम योगी के बयान का समर्थन करते हुए विरोधी दलों पर निशाना साधा वहीं राम मंदिर के चढ़ावे को लेकर अखिलेश यादव के सवालों का भी जवाब दिया.
सपा-कांग्रेस पर अनिल राजभर ने साधा निशाना
अनिल राजभर ने कहा कि हम लोग हर वर्ष रावण को जलाते हैं, जबकि बहुत समय पहले ही भगवान राम ने रावण को मार दिया था. लेकिन, अभी भी बहुत से लोगों के दिमाग में रावण का जिन्न घुसा हुआ है और जब तक रावणी मानसिकता का समूल नाश न कर दें तब तक चैन से कैसे बैठेंगे. इसमें दो राय नहीं की अभी भी बहुत से रावणी मानसिकता के लोग जिंदा है.
उन्होंने कहा कि जो लोग पिछड़े और दलित का हक मारने वाले है, आतंकवाद का समर्थन करने वाले हैं वो रावणी मानसिकता के नहीं तो क्या है?
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राम मंदिर के चढ़ावे पर किया तीखा पलटवार
राम मंदिर के चढ़ावे को लेकर छिड़े आरोप प्रत्यारोप पर भी मंत्री अनिल राजभर ने विरोधियों पर तीखा हमला किया. उन्होंने कहा कि सैयद मसूद गाजी के मजार पर कितना चढ़ावा चढ़ता है उस पर अखिलेश यादव नहीं बोलेंगे. गाजी जो लूटने वाला था उसकी मजार सजाएंगे मेला लगवाएंगे लेकिन, यह नहीं बताएंगे कि कितना चंदा चढ़ता है?
भगवान राम को राजनीति में नहीं लाना चाहिए, हम अपने काम के आधार पर जनता के बीच जाएंगे. भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव को टीम से PDA होने के नाते हटाए जाने वाले सपा के आरोप पर कहा कि इन लोगों ने खेल में भी सियासत शुरू कर दी है. PDA का नारा देने वाले यह लोग फर्जी हैं, सबसे ज्यादा इन्होंने ही PDA वालो का हक मारा है.























