'मुश्किल था, मगर कर दिखाया', गांव में दसवीं पास करने वाले दूसरे छात्र बनें करण कुमार
UP Board 10th Resutl Barabanki: बाराबंकी जनपद के बनीकोडर ब्लॉक अंतर्गत निजामपुर (अहमदपुर) गांव करण कुमार 10 वीं की परीक्षा पास करने वाले दूसरे छात्र बने हैं.

कहते हैं कि हौसले बुलंद हों, तो रास्ते की बाधाएं कभी मंजिल तक पहुंचने से नहीं रोक सकती है. बाराबंकी जनपद के बनीकोडर ब्लॉक अंतर्गत निजामपुर (अहमदपुर) गांव करण कुमार ने इसी लाइन को सच साबित करके दिखाया है. करण ने कभी सुविधाओं का रोना नहीं रोया, करण इस गांव से हाईस्कूल परीक्षा पास करणे वाले दूसरे छात्र बन गए हैं. आजादी के सात दशक बाद भी बुनियादी सुविधाओं के लिए जूझ रहे इस गांव के रहने वाले करण ने इस वर्ष हाईस्कूल की परीक्षा 64% (प्रथम श्रेणी) अंकों के साथ उत्तीर्ण कर एक मिसाल पेश की है.
करण के लिए शिक्षा का सफर आसान नहीं रहा. घर की आर्थिक स्थिति ठीक न होने के कारण वे शादियों के सीजन में टेंट हाउस की रोड लाइट सिर पर ढोते थे और मजदूरी करते थे. सीजन खत्म होने पर वे लोडिंग वाला साइकिल रिक्शा चलाकर अपना खर्च निकालते थे. करण ने राजकीय इंटर कॉलेज अहमदपुर में पढ़ाई की और घर में बिजली न होने के बावजूद मेहनत जारी रखी.
करण ने मौसेरे भाई से ली पढ़ाई प्रेणना
खास बात यह है कि पिछले वर्ष (2025) इसी गांव के रामकेवल (रामसेवक) ने आजादी के बाद पहली बार हाईस्कूल पास कर गांव का खाता खोला था. करण और रामसेवक सगे मौसेरे भाई हैं. करण ने बताया कि उन्होंने अपने भाई को देखकर ही पढ़ाई की प्रेरणा ली. रामसेवक ने भी भाई की कामयाबी पर खुशी जताते हुए कहा कि अब गांव के अन्य बच्चे भी पढ़ाई के प्रति जागरूक हो रहे हैं.
पुलिस विभाग में भर्ती होना चाहता है करण
मजदूरी कर परिवार का हाथ बंटाने वाले करण ने मीडिया से बातचीत अपने आगे के करियर को लेकर जानकारी साझा की है. करण ने बताया है कि उनका लक्ष्य अब पुलिस विभाग में भर्ती होकर देश की सेवा करणा है. उनके शिक्षकों का कहना है कि विपरीत परिस्थितियों में भी करण ने जिस लगन से पढ़ाई की वह काबिले तारीफ है.
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