रसड़ा से उमाशंकर सिंह के बेटे को टिकट देंगी बसपा चीफ मायावती? खुद साफ की तस्वीर
बलिया स्थित रसड़ा से विधायक रहे उमाशंकर सिंह का 5 अगस्त को निधन हो गया. वह कैंसर से पीड़ित थे. मायावती ने उनके घर पहुंचकर परिवार को ढांढ़स बंधाया.

बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने पार्टी विधायक उमाशंकर सिंह के निधन पर शोक व्यक्त किया है. सिंह के आवास के बाहर पत्रकारों से बात करते हुए मायावती ने यह संकेत दिए कि बसपा से उमाशंकर के बेटे को टिकट मिल सकता है.
बसपा चीफ ने कहा कि अगर परिवार चाहे तो उनके पुत्र को राजनीति में लाकर बढ़ावा दूंगी और उनके स्थान पर पूरा महत्व दूंगी. हालांकि यह मौका ऐसा कहने का नहीं है लेकिन उमाशंकर खुद सियासत सक्रिय रहे हैं और समाजसेवा की है. तो मैं परिवार चाहेगा तो उनके बेटे को राजनीति में आगे करूंगी.
यूपी की पूर्व सीएम ने कहा कि मेरा मानना है कि उनके चुनाव क्षेत्र के लोग भी यही चाहेंगे कि उनके बेटे का समर्थन किया जाए, क्योंकि अब वे हमारे बीच नहीं रहे.
इससे पहले मायावती ने कहा कि जब से वे BSP में शामिल हुए, उन्होंने ईमानदारी और वफ़ादारी से काम किया.उन्होंने कभी पार्टी के साथ धोखा नहीं किया. कल बीमारी के कारण उनके निधन की खबर सुनकर मुझे बहुत दुख हुआ. दुख की इस घड़ी में, मैं उनके पूरे परिवार और रिश्तेदारों के साथ खड़ी हूं. उतार-चढ़ाव के बावजूद, उन्होंने कभी पार्टी के साथ धोखा नहीं किया.
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2012 में पहली बार विधायक बने थे उमाशंकर सिंह
विधायक उमाशंकर सिंह का दिल्ली के एक निजी अस्पताल में रात्रि साढ़े आठ बजे उपचार के दौरान निधन हो गया. सिंह ने अपने करियर की शुरुआत एक छात्र नेता के रूप में की थी और वर्ष 1990-91 में वह बलिया के सतीश चंद्र कॉलेज के छात्रसंघ के महामंत्री चुने गए. सिंह 2012 में पहली बार रसड़ा विधानसभा क्षेत्र से निर्वाचित हुए थे. इसके बाद 2017 और 2022 में भी वह रसड़ा से ही लगातार विधायक निर्वाचित हुए. उन्होंने बताया कि सिंह के परिवार में एक पुत्र और एक पुत्री है. सिंह लंबे समय से अस्वस्थ थे.






















