ऊधम सिंह नगर: 20 घंटे तहसील में विजिलेंस टीम को किया 'कैद'
Udham Singh Nagar News: In Hindi: इस दौरान तहसील कर्मचारी धरने पर बैठ गए और विजिलेंस टीम के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. आरोप लगाया कि जानबूझकर राजस्व कर्मियों को फंसाया जा रहा है.

उत्तराखंड के ऊधम सिंह नगर की सितारगंज तहसील में बुधवार को उस समय अजीबो-गरीब स्थिति बन गयी, जब रिश्वतखोरी के आरोप में विजिलेंस टीम द्वारा दो राजस्व कर्मचारियों को पकड़े जाने के बाद कर्मचारियों ने विजिलेंस टीम को करीब 20 घंटे तक तहसील परिसर में बंद रखा और अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार का ऐलान कर दिया. दोनों पक्षों में लंबी वार्ता के बाद गुरुवार को मामला सुलझा लिया गया.
इस दौरान तहसील कर्मचारी धरने पर बैठ गए और विजिलेंस टीम के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. आरोप लगाया कि जानबूझकर राजस्व कर्मियों को फंसाया जा रहा है. जबकि रकम वसूली से संबंधित है. अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हुआ.
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क्या है पूरा मामला ?
जानकारी के मुताबिक, 29 जुलाई को विजिलेंस टीम ने एक शिकायत के आधार पर सितारगंज तहसील के वसूली कक्ष में छापा मारा और दो संग्रह अमीन मदन लाल शर्मा एवं भूपेंद्र सिंह राणा को 16,000 रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ लिया. जिसके बाद वहां हडकंप मच गया और कर्मचारियों ने इस कार्रवाई को दुर्भावनापूर्ण और फर्जी बताते हुए विरोध शुरू कर दिया.
इस दौरान राजस्व कर्मचारियों ने तहसील का मुख्य गेट ताला बंद कर दिया और विजिलेंस टीम को अंदर ही बंधक बना लिया. साथ ही पूरे उत्तराखंड में अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार का ऐलान कर दिया गया. कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव और शासन के वरिष्ठ अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष जांच की मांग की.
बकाएदार की रकम होने का दावा
कर्मचारियों का दावा है कि उक्त राशि बकायादार अवतार सिंह द्वारा वैधानिक राजस्व वसूली के तहत जमा की जा रही थी. मदन लाल शर्मा ने बताया कि अवतार सिंह लंबे समय से बकाया जमा नहीं कर रहा था और कई नोटिस के बावजूद उपस्थित नहीं हुआ. इसे राजस्व कर्मियों के खिलाफ साजिश बताया गया है.
20 घंटे बाद सुलझा मामला
तहसील के वरिष्ठ अधिकारियों और कर्मचारी संगठनों के बीच लंबी बातचीत के बाद सहमति बनी. जिसके बाद विजिलेंस टीम को रिहा किया गया और पकड़े गए दोनों कर्मचारियों को भी छोड़ दिया गया. साथ ही तहसील का भी ताला खोल दिया गया और सामान्य कामकाज शुरू किया गया,
आंदोलन की चेतावनी
कर्मचारी संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि निष्पक्ष जांच नहीं हुई या दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को पूरे प्रदेश में और तेज किया जाएगा. पूरे प्रकरण के दौरान भारी पुलिस बल भी तहसील परिसर में मौजूद रहा. फिलहाल इस घटना की चर्चा पूरे प्रदेश में है.
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