आगरा में अस्पताल के फर्श पर अंबेडकर और बुद्ध की टाइल्स, अब अखिलेश यादव ने कर दिया नया दावा
UP News: आगरा एक अस्पताल में भगवान बुद्ध और भीमराव अंबेडकर की तस्वीर वाली टाइल्स लगाए जाने के मामले में सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने तीखी प्रतिक्रिया दी है.

Agra News: आगरा के एक अस्पताल की फर्श पर डॉ. भीमराम अंबेडकर और भगवान बुद्ध की तस्वीर वाली टाइल्स लगाए जाने के बाद लोगों में आक्रोश देखने को मिला था. अब इस मामले पर उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री व समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने तीखी प्रतिक्रिया दी है.
अखिलेश यादव ने एक्स पर लिखा कि, "आगरा के एक अस्पताल में महात्मा बुद्ध और बाबासाहेब अंबेडकर जी चित्रित टाइल्स को फर्श पर लगाना एक ऐसा अपमानजनक कुकृत्य है जिसकी जितनी निंदा की जाए कम है. कभी बाबासाहेब निर्मित संविधान बदलने की साज़िश, कभी मप्र में कोर्ट परिसर में उनकी मूर्ति लगाने का विरोध और कभी ज़मीनी टाइल्स पर उनका चित्रण एक सोची-समझी चाल है, जिसके पीछे प्रभुत्ववादियों का कौन सा गुट काम कर रहा है कहने की आवश्यकता नहीं है.
'पीडीए समाज पर वर्चस्ववादियों का शारीरिक-मानसिक प्रहार बढ़ा'
अखिलेश यादव ने आगे लिखा कि "जैसे-जैसे पीडीए की चेतना बढ़ रही है, वैसे-वैसे पीडीए के प्रेरणास्रोत प्रतीकों व महापुरुषों पर और साथ ही पीडीए समाज पर वर्चस्ववादियों के शारीरिक-मानसिक प्रहार भी बढ़ रहे हैं. ऐसे सुनियोजित अपमान करके जिनको लग रहा है कि पीडीए का मनोबल टूटेगा वो ऐतिहासिक भूल कर रहे हैं. प्रताड़ना का प्रतिकार शक्ति बन कर उभरता है. उत्पीड़न की भी एक सीमा होती और उत्पीड़क की भी. अब भाजपा वो सीमा लाँघ चुकी है और अपने पतन को देखते हुए ऐसे कुत्सित-कृत्यों से पीडीए की हिम्मत और एकजुटता को तोड़ने का अंतिम प्रयास कर रही है, जिसमें अब वो कभी सफल नहीं होगी."
दरअसल आगरा थाना हरी पर्वत क्षेत्र अंतर्गत देहली गेट स्थित अस्पताल के फर्श में संविधान रचयिता डॉ भीमराव अंबेडकर और भगवान बुद्ध की तस्वीर वाली टाइल्स लगाई गई थी. इस मामले के विरोध में अंबेडकर अनुयायियों, बसपा व भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं ने अस्पताल में प्रदर्शन भी किया था.
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