रामपुर में जौहर यूनिवर्सिटी से गेस्ट हाउस के बीच बना अवैध गेट हटाया, डीएम के निर्देश पर लगाई दीवार
Rampur News: रामपुर की जौहर यूनिवर्सिटी और पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस के बीच सपा सरकार में आज़म खान के निर्देश पर अवैध रास्ता बनाया गया था, जिस पर अब डीएम के निर्देश पर कार्रवाई हुई है.

समाजवादी पार्टी के नेता और पूर्व मंत्री आजम खान की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ सकती हैं. रामपुर में सपा सरकार के दौरान आजम खान की मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी से सटा बनाए पीडब्लूडी के सरकारी गेस्ट हाउस का गेट को हटा दिया गया है. ये गेट यूनिवर्सिटी में आने जाने के लिए लगाया था. इस जगह दीवार लगा दी गई है और गेस्टर हाउस का रास्ता सार्वजनिक मार्ग पर खोल दिया गया है.
रामपुर के जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी के निर्देश पर ‘एपीजे अब्दुल कलाम’ गेस्ट हॉउस से यूनिवर्सिटी में जाने वाले गेट को न सिर्फ हटाया गया है बल्कि वहां दीवार भी खड़ी कर दी गई है और सरकारी संपत्ति को पूरी तरह सुरक्षित किया गया.
डीएम के निर्देश पर हटाया गया अवैध गेट
बताया जा रहा है कि सपा सरकार के समय आजम खां के प्रभाव में नियम-कानून दरकिनार करते हुए सरकारी गेस्ट हाउस की दीवार में करीब 16 फीट चौड़ा गेट बनवाया गया था. यह गेट सीधे निजी मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़ता था और अंदर ही अंदर आवागमन का रास्ता उपलब्ध कराता था.
हैरानी की बात है कि पीडब्ल्यूडी ने इस अवैध निर्माण पर सालों तक कोई आपत्ति नहीं जताई. दो महीने पहले कार्यभार संभालने वाले जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी को जब इस गेस्ट हाउस की जानकारी मिली तो उन्होंने इसकी उपयोगिता पर सवाल उठाए.
शहर से लगभग 10 किलोमीटर दूर स्थित इस गेस्ट हाउस में वीवीआईपी ठहराव बेहद कम होने की बात सामने आई. संदेह गहराने पर डीएम ने खुद पीडब्ल्यूडी अधिकारियों के साथ स्थल निरीक्षण किया, जहां सरकारी गेस्ट हाउस और निजी यूनिवर्सिटी के बीच अवैध गेट मौजूद मिला. निरीक्षण के दौरान यह तथ्य सामने आया कि सत्ता परिवर्तन के बावजूद यह अवैध गेट नौ वर्षों तक न सिर्फ मौजूद रहा, बल्कि सक्रिय रूप से उपयोग में भी था.
सरकारी धन के गलत इस्तेमाल की आशंका
इससे यह आशंका और मजबूत हुई कि सरकारी धन से बने गेस्ट हाउस का इस्तेमाल सत्ता के दौरान ‘खास’ लोगों और निजी संस्थान के लाभ के लिए किया जा रहा था. जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी ने साफ शब्दों में कहा कि एपीजे अब्दुल कलाम गेस्ट हाउस पूरी तरह सरकारी संपत्ति है और इसके जरिए किसी भी निजी संस्थान को लाभ पहुंचाना स्वीकार्य नहीं है.
प्रशासन ने इस मामले में जांच के आदेश भी जारी कर दिए हैं. यह पता लगाया जा रहा है कि गेस्ट हाउस की दीवार में यह गेट किसके आदेश पर और किन अधिकारियों के कार्यकाल में बनवाया गया. अब इसके निर्माण से जुड़े सभी अभिलेखों की जांच की जा रही है और जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका तय की जाएगी.
इस कार्रवाई के बाद मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी और सरकारी गेस्ट हाउस के बीच सीधा संपर्क पूरी तरह समाप्त हो गया है. उल्लेखनीय है कि आजम खां स्वयं इस निजी विश्वविद्यालय के कुलाधिपति हैं और गेस्ट हाउस का निर्माण भी वर्ष 2014 से 2016 के बीच उन्हीं के प्रभाव में कराया गया था. वर्तमान में आजम खान फर्जी पैन कार्ड प्रकरण में बेटे अब्दुल्ला आजम के साथ रामपुर की जेल में सजा काट रहे हैं.
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Source: IOCL






















