चंपत राय के लिए सारे दरवाजे बंद! गोविंद देव गिरी बने ट्रस्ट के महासचिव
राम मंदिर ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष रहे गोविंद देव गिरी को महासचिव नियुक्त किया गया है. ऐसे में अब चंपत राय की वापसी के सारे दरवाजे बंद होते नजर आ रहे हैं.

श्री राम मंदिर तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने महासचिव पद पर गोविंद देव गिरी की नियुक्ति की है. उनकी नियुक्ति कृष्णा मोहन के पद छोड़ने के बाद हुई है. मोहन ने कहा कि वह 6 जुलाई से अंतरिम महासचिव का पद संभाल रहे थे. अब यह जिम्मेदारी गोविंद देव गिरी संभालेंगे. गोविंद देव गिरी अब तक ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष थे.
विश्व हिन्दू परिषद के अंतर्राष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने एक बयान में कहा कि अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई. यह हम सब के लिए आनंद की बात है कि पूज्य गोविंद देव गिरी अब श्री रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महामंत्री होंगे. हम गोविंद देव गिरि महाराज को महामंत्री का दायित्व ग्रहण करने पर श्रद्धापूर्वक शुभकामनाएं देते है. हमें विश्वास है कि उनका नेतृत्व हम सबके लिए मार्गदर्शक होगा.
मामला सामने आने के बाद चंपत राय ने दिया था इस्तीफा
राम मंदिर में चढ़ावा चोरी का मामला सामने आने के करीब 2 हफ्ते बाद चंपत राय ने पद से इस्तीफे की पेशकश कर दी थी जिसे ट्रस्ट ने बाद में स्वीकार कर लिया था. हालांकि मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) ने श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय और ट्रस्ट के पूर्व सदस्य अनिल मिश्रा को क्लीन चिट दे दी.
चंपत राय और अनिल मिश्रा से SIT ने की थी पूछताछ
इससे पहले मंदिर के दान में अनियमितताओं के आरोप सामने आने के बाद चंपत राय और अनिल मिश्रा दोनों ने 27 जून 2026 को अपने-अपने पदों से इस्तीफा दे दिया था. इसके बाद मंदिर में दान के प्रबंधन और संग्रह से संबंधित जांच के तहत एसआईटी ने दोनों से पूछताछ की थी. पूछताछ के दौरान चंपत राय ने कथित अनियमितताओं में किसी भी प्रकार की संलिप्तता से साफ इनकार किया था. उन्होंने कथित तौर पर जांचकर्ताओं को बताया था कि उन्होंने खुद ही चढ़ावे में संदिग्ध चोरी के संबंध में शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके बाद आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था.
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