पहलगाम आतंकी हमले पर हाईकोर्ट के वकील ने लिया बड़ा निर्णय, पहुंचा NHRC
UP News: पहलगाम में हुए आतंकी हमले में मारे गए लोगों के मानवाधिकार का हनन मानते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट के अधिवक्ता डॉ. गजेंद्र सिंह यादव ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग में मामला दर्ज किया है.

Prayagraj News: जम्मू कश्मीर में हुए हमले में मारे गए लोगों के मानवाधिकार का हनन मानते हुए, इलाहाबाद हाईकोर्ट के अधिवक्ता डॉ. गजेंद्र सिंह यादव ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग में मामला दर्ज कराया है. शिकायतकर्ता ने धार्मिक आधार पर हिंसा, क्षेत्रीय सुरक्षा एजेंसियों द्वारा चूक, विलम्ब से पहुंची राहत तथा पीड़ित परिवारों को मुआवजे की मांग जैसी महत्वपूर्ण मांग शिकायत में उठायी है.
शिकायतकर्ता ने कहा है कि जम्मू और कश्मीर में आतंकवादी हमला हुआ है. 2019 के पुलवामा हमले के बाद ये सबसे घातक हमला है. ज्ञात हो कि मंगलवार को आतंकवादियों ने पर्यटकों पर गोलियां चलाई, जिसमें 27 लोगों की मौत हो गई. मारे गए लोगों में एक पर्यटक यूएई और नेपाल से था, और दो स्थानीय निवासी भी शामिल है. बाकी मृतक उत्तर प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र, कर्नाटका, तमिलनाडु और ओडिशा से आए हुए पर्यटक थे.
पहलगाम आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत
यह घटना मंगलवार को दोपहर 2:45 बजे पहलगाम के बैसरन घाटी में हुई. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, आतंकवादियों ने उत्तर प्रदेश से आए शुभम द्विवेदी का नाम पूछा और फिर उन्हें सिर में गोली मार दी. शुभम का केवल दो महीने पहले ही विवाह हुआ था और वह अपनी हनीमून पर आए थे. इसके बाद आतंकवादियों ने अन्य पर्यटकों पर गोलियां चलाई और फरार हो गए. इस हमले की जिम्मेदारी लश्कर-ए-तैयबा ने ली है.
पहले प्रशासन ने केवल एक मौत की सूचना दी थी, लेकिन लगभग चार घंटे बाद, समाचार एजेंसियों ने मृतकों की संख्या 26 बताई. इस घटना में 20 से अधिक लोग घायल हुए हैं. घटना स्थल से वायरल हुए वीडियो यह बताते हैं कि हमलावरों ने पीड़ितों से उनका धर्म पूछा था, इससे यह प्रतीत होता है कि यह हमला न केवल पर्यटकों पर था, बल्कि एक साम्प्रदायिक हमला भी था, जो मानवाधिकारों के सिद्धांतों का उल्लंघन है.
अधिवक्ता ने मामले में जांच की मांग की
इसके अलावा, सुरक्षा में एक स्पष्ट चूक दिखाई देती है, क्योंकि उस स्थान पर लगभग 2,000 पर्यटक मौजूद थे, फिर भी आवश्यक सुरक्षा उपाय मौजूद नहीं थे. अतः अधिवक्ता ने मांग की है कि इस मामले की जांच कराकर जिम्मेदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए और पीड़ितों के परिवारों के लिए मुआवजा सुनिश्चित किया जाए.
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Source: IOCL






















