मथुरा: देशद्रोह के आरोपी PFI सदस्यों की पुलिस रिमांड पुनरीक्षण याचिका खारिज, HC में करेंगे अपील
जिला शासकीय अधिवक्ता ने बताया, ‘‘देशद्रोह एवं धार्मिक उन्माद पैदा करके दंगा फैलाने के आरोपी पीएफआई के सदस्यों मसूद अहमद, मोहम्मद आलम तथा अतीक उर रहमान के अधिवक्ता मधुवन दत्त चतुर्वेदी द्वारा पुलिस रिमांड के खिलाफ दाखिल की गई पुनरीक्षण याचिका आज यहां अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश रामकिशन ने खारिज कर दी.”

मथुरा. उत्तर प्रदेश की मथुरा जिले की सत्र अदालत ने हाथरस जाते समय गिरफ्तार किए गए देशद्रोह के आरोपी पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) के तीन सदस्यों की पुलिस रिमांड के मामले में दाखिल की गई पुनरीक्षण याचिका सोमवार को खारिज कर दी.
जिला शासकीय अधिवक्ता (आपराधिक मामले) शिवराम सिंह तरकर ने बताया, ‘‘देशद्रोह एवं धार्मिक उन्माद पैदा करके दंगा फैलाने के आरोपी पीएफआई के सदस्यों मसूद अहमद, मोहम्मद आलम तथा अतीक उर रहमान के अधिवक्ता मधुवन दत्त चतुर्वेदी द्वारा पुलिस रिमांड के खिलाफ दाखिल की गई पुनरीक्षण याचिका आज यहां अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश रामकिशन ने खारिज कर दी.” इस मामले में बचाव पक्ष के अधिवक्ता चतुर्वेदी ने कहा कि वह अब इलाहाबाद उच्च न्यायालय में अपील करेंगे.
केरल से रऊफ ने भेजे थे 29 लाख रुपये
हाथरस कांड में पीएफआई के सदस्यों की फंडिंग को लेकर चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. केरल में बैठे उनके आका रऊफ शरीफ ने ही मथुरा से पकड़े गए पीएफआई सदस्यों को पैसा भेजा था. दरअसल, पीएफआई के स्टूडेंट बैंक कैंपस फ्रंट ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय सचिव रोल शरीफ का नाम मथुरा से पकड़े गए हाथरस कांड के आरोपी अतीक उर रहमान से पूछताछ में आया था. हालांकि ईडी रऊफ की तलाश लंबे समय से कर रही थी, लेकिन हाथरस कांड से कनेक्शन जुड़ते ही यूपी पुलिस ने लुक आउट नोटिस जारी करा दिया.
नोटिस के बाद रऊफ शरीफ तिरुवनंतपुरम एयरपोर्ट से गिरफ्तार कर लिया गया. जांच में पता चला है कि रऊफ ने ही बीते दो साल में मथुरा से पकड़े गए अतीक उर रहमान और केरल के पत्रकार सिद्दीक कप्पन के बैंक खातों में 29 लाख 18 हजार रुपए भेजे थे.
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