UP News: डॉक्टर ने शराब पीकर तीमारदार के साथ की गाली-गलौज, गर्दन पर कैंची रख चप्पलों से भी की पिटाई
Pilibhit News: डॉक्टर ने 1 दिन भर्ती करा और दूसरे दिन 12:00 बजे छुट्टी की बात कही थी लेकिन डॉक्टर 12:00 बजे मौजूद ही नहीं थे. स्टाफ से कहने पर बार-बार स्टाफ थोड़ा रुकने की बात कर रहा था.

Pilibhit Crime News: उत्तर प्रदेश के पीलीभीत के प्रतिष्ठित एसएस अस्पताल के कार्डियोलॉजिस्ट डॉ प्रांजल अग्रवाल पर शराब पीकर मरीज के साथ गाली-गलौज व मारपीट करने का आरोप लगा है. सदर कोतवाली पुलिस ने डॉ प्रांजल अग्रवाल और अज्ञात स्टाफ के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है. इस मामले में सीएमओ ने भी कार्रवाई को लेकर डॉ प्रांजल अग्रवाल को नोटिस भेजा है. पुलिस का कहना है मामले की तफ्तीश की जा रही है. सप्ताह भर पहले भी एसएस अस्पताल के स्टाफ पर मरीजों के तीमारदारों के साथ मारपीट करने का आरोप लगा था और वीडियो भी वायरल हुआ था. जिसका संज्ञान लेते हुए डिप्टी सीएम बृजेश पाठक ने सीएमओ को कार्रवाई के निर्देश दिए थे.
दरअसल पूरनपुर क्षेत्र के रहने वाले अखंड प्रताप सिंह का कहना है कि वह अपनी दुकान पर काम करने वाले कारीगर को लेकर अस्पताल दिखाने आए थे. डॉक्टर ने 1 दिन भर्ती करा और दूसरे दिन 12:00 बजे छुट्टी की बात कही थी लेकिन डॉक्टर 12:00 बजे मौजूद ही नहीं थे. स्टाफ से कहने पर बार-बार स्टाफ थोड़ा रुकने की बात कर रहा था. देर शाम 6:30 बजे डॉ प्रांजल अग्रवाल जब आए तो अखंड प्रताप ने डॉक्टर से छुट्टी करने व दवा लिखने को कहा. इस बात पर डॉ प्रांजल भड़क गए और उन्होंने चेंबर में खींच लिया और वहां पर गर्दन पर कैंची रख दी. इस दौरान तीन से चार लोगों ने अखंड प्रताप को पकड़ा और डॉ प्रांजल पर आरोप है कि उन्होंने चप्पलों से अखंड प्रताप को बुरी तरह मारा-पीटा.
इसके बाद अखंड प्रताप ने डॉ प्रांजल व उनके स्टाफ के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है. वहीं सीएमओ ने भी आरोपी डॉक्टर के खिलाफ नोटिस देकर कार्रवाई करने की बात कही है. आरोपी डॉक्टर ने अपना पक्ष रखने से इंकार कर दिया है उनका कहना है कि उन्होंने पेपर वालों को अपना पक्ष दे दिया है. वहीं सीओ सिटी सतीश चंद्र शुक्ला ने बताया कि थाना कोतवाली के अंतर्गत एसएस हॉस्पिटल में कार्यरत कुछ लोगों के खिलाफ तहरीर प्राप्त हुई है, जिसमें कुछ नामजद हैं और कुछ अज्ञात हैं. तहरीर मिलने के बाद थाना कोतवाली में मुकदमा पंजीकृत कर लिया गया है, मामले में विधिक कार्रवाई प्रचलित है.






















