पहलगाम आतंकी हमला: अखिल भारतीय संत समिति ने जताया गहरा शोक, केंद्र सरकार से की बड़ी कार्रवाई की मांग
केंद्र सरकार ने पहले ही कहा है कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा. वहीं अब संत समाज का यह बयान एक बड़ा संदेश माना जा रहा है कि आतंक के खिलाफ अब हर वर्ग एकजुट हो चुका है.

Pahalgam Terror Attack: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले को लेकर देशभर में आक्रोश व्याप्त है. आम लोगों के साथ अब संत समाज भी इस हमले के खिलाफ मुखर हो गया है. अखिल भारतीय संत समिति ने इस कायराना आतंकी वारदात की तीखी निंदा करते हुए केंद्र सरकार से सख्त और निर्णायक कार्रवाई की मांग की है.
समिति के राष्ट्रीय महामंत्री स्वामी जितेन्द्रानंद सरस्वती ने इस हमले को “राष्ट्र की अस्मिता पर हमला” बताते हुए कहा कि अब समय आ गया है कि आतंक के खिलाफ सिर्फ शब्दों से नहीं, बल्कि सेना के माध्यम से कठोर एक्शन लिया जाए. उन्होंने कहा कि इस तरह के हमले देश की एकता और अखंडता को चुनौती देने वाले हैं, जिन्हें किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता.
कठोर कदम उठाने की अपील
स्वामी जितेन्द्रानंद सरस्वती ने कहा, “देश में शांति और विकास तभी संभव है जब देश के दुश्मनों को मुंहतोड़ जवाब दिया जाए. जो आतंकी बेकसूर नागरिकों को निशाना बना रहे हैं, उनका खात्मा ज़रूरी है. हम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से अपील करते हैं कि वे सेना के माध्यम से इस हमले का ऐसा जवाब दें, जिसे पूरी दुनिया याद रखे.”
गौरतलब है कि रविवार को जम्मू-कश्मीर के पहुंचे पर्यटक स्थल पहलगाम में आतंकियों ने एक वाहन पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी थी, जिसमें कई लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए. हमला उस समय हुआ जब पर्यटक लौट रहे थे. इस घटना ने न सिर्फ स्थानीय लोगों बल्कि पूरे देश को हिला दिया है.
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सभी संतों से अपील की
केंद्र सरकार ने पहले ही कहा है कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा. वहीं अब संत समाज का यह बयान एक बड़ा संदेश माना जा रहा है कि आतंक के खिलाफ अब हर वर्ग एकजुट हो चुका है. अखिल भारतीय संत समिति ने अपने संदेश में पीड़ित परिवारों के प्रति गहरी संवेदना भी जताई और घायल लोगों के जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना की.
साथ ही, उन्होंने देश के सभी संतों से अपील की है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में शांति बनाए रखें और आतंक के खिलाफ जनजागरण करें. यह पहली बार नहीं है जब संत समाज ने राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे मुद्दों पर अपनी आवाज बुलंद की हो. इससे पहले भी समिति ने पुलवामा और उरी जैसे आतंकी हमलों के समय भी सख्त रुख अपनाते हुए सरकार से जवाबी कार्रवाई की मांग की थी.
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