UP Politics: ऑटो चलाकर ओपी राजभर ने बोला अखिलेश यादव पर हमला, कहा- 'ये हमारा अभिमान'
Om Prakash Rajbhar On Akhilesh Yadav: मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने राजधानी में ऑटो चलाकर समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव और उनके समर्थकों पर जोरदार पलटवार किया.

सुभासपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने रविवार को राजधानी में ऑटो चलाकर समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव और उनके समर्थकों पर जोरदार पलटवार किया. दो दिन पहले सोशल मीडिया पर सपा समर्थकों द्वारा ऑटो के साथ ओपी राजभर की पुरानी तस्वीर वायरल कर उन्हें ट्रोल करने की कोशिश की गई थी. तस्वीर के जरिए उनकी 'औकात' बताने जैसी टिप्पणियां की जा रही थीं. इसके बाद सुभासपा कार्यकर्ताओं में नाराजगी फैल गई और कई जगहों पर अखिलेश यादव के खिलाफ प्रदर्शन और पुतला दहन भी हुआ.
ऑटो हमारा अपमान नहीं, अभिमान है : राजभर
रविवार सुबह ओपी राजभर ने एक्स पर लंबा पोस्ट लिखते हुए कहा कि जिस ऑटो की तस्वीर को लेकर उनका मजाक उड़ाया जा रहा है, वही उनके संघर्ष, मेहनत और गरीब समाज की लड़ाई का प्रतीक है. उन्होंने लिखा कि वह चांदी का चम्मच लेकर पैदा नहीं हुए, बल्कि संघर्षों और जिम्मेदारियों के बीच राजनीति तक पहुंचे हैं.
राजभर ने कहा कि उनके लिए ऑटो रिक्शा केवल वाहन नहीं, बल्कि जीवन के संघर्षों की पहचान है. उन्होंने अखिलेश यादव पर तंज कसते हुए कहा कि जिन्हें विरासत में सत्ता, बड़ी गाड़ियां, विदेश की पढ़ाई और पहले से तैयार मुख्यमंत्री की कुर्सी मिली हो, उन्हें गरीब और मेहनतकश लोगों की जिंदगी समझ में नहीं आएगी.
अखिलेश पर ट्विटर, एसी और पीसी वाली राजनीति करने का आरोप
ओपी राजभर ने अपने पोस्ट में अखिलेश यादव की राजनीति को 'ट्विटर (एक्स), एसी और पीसी वाली राजनीति' बताया. उन्होंने लिखा कि असली राजनीति गांव की पगडंडियों पर चलकर गरीबों के सुख-दु:ख सुनने से होती है, न कि सोशल मीडिया पर बैठकर राजनीति करने से. राजभर ने कहा कि 45 डिग्री की गर्मी में गांव-गांव घूमना, अति पिछड़े, दलित और वंचित समाज की आवाज उठाना ही उनकी राजनीति है. उन्होंने दावा किया कि सपा नेतृत्व गरीबों के संघर्ष का मजाक उड़ा रहा है.
'शाहे बेखबर' कहकर कसा तंज
अपने पोस्ट में राजभर ने अखिलेश यादव को 'शाहे बेखबर' कहते हुए लिखा कि जिस व्यक्ति ने गरीबी, भूख और अपमान को करीब से देखा हो, उसे सोशल मीडिया की हवा से डराया नहीं जा सकता. उन्होंने कहा कि जब वह गांव-गांव घूमकर पिछड़ों और दलितों की लड़ाई लड़ रहे थे, तब अखिलेश यादव विदेश में थे. राजभर ने यह भी लिखा कि वह अपने पिता के आशीर्वाद से राजनीति में आए हैं, जबकि अखिलेश यादव पर उन्होंने अपने पिता का अपमान कर सत्ता हासिल करने का आरोप लगाया.
सुभासपा कार्यकर्ताओं में जबरदस्त नाराजगी
सोशल मीडिया ट्रोलिंग के बाद सुभासपा कार्यकर्ताओं में काफी गुस्सा देखने को मिला. कई जिलों में कार्यकर्ताओं ने अखिलेश यादव के खिलाफ प्रदर्शन किया और पुतले फूंके. पार्टी नेताओं का कहना है कि मेहनत और गरीबी से निकले व्यक्ति का मजाक उड़ाना गरीब वर्ग का अपमान है. सुभासपा नेताओं ने दावा किया कि ऑटो चलाने वाले, ठेला लगाने वाले, रिक्शा और खोमचा चलाने वाले ही समाज की असली ताकत हैं और वही 2027 में जवाब देंगे.
.@yadavakhilesh जी और उनके ट्रोलरों से कहना चाहते हैं कि हम मेहनतकश और संघर्षशील समाज से आते हैं।
ऑटो चलाना हमारे लिए अपमान नहीं, गर्व की बात है।
हम उन लोगों में से हैं जिन्होंने जमीन पर संघर्ष किया है, मेहनत की है और लोगों के दर्द को करीब से महसूस किया है।
गरीब, मजदूर, पिछड़े… pic.twitter.com/qJYKCwBQIi
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2027 में पलटेगी विदेशी साइकिल : राजभर
ओपी राजभर ने अपने पोस्ट में 2027 विधानसभा चुनाव का भी जिक्र किया. उन्होंने लिखा कि जिन गरीबों और मेहनतकश लोगों का मजाक उड़ाया जा रहा है, वही आने वाले चुनाव में समाजवादी पार्टी की 'विदेशी साइकिल' को पलट देंगे. उन्होंने कहा कि राजनीति उनके लिए सत्ता या पद पाने का माध्यम नहीं, बल्कि समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति की आवाज को ताकत देने का संघर्ष है.
सोशल मीडिया पर छिड़ी नई सियासी जंग
ओपी राजभर के इस पोस्ट और ऑटो चलाने वाले वीडियो के बाद सोशल मीडिया पर नई सियासी बहस छिड़ गई है. समर्थक इसे 'संघर्ष बनाम विरासत' की लड़ाई बता रहे हैं. लेकिन इतना तय है कि ऑटो वाली तस्वीर को लेकर शुरू हुआ विवाद अब उत्तर प्रदेश की राजनीति में बड़ा प्रतीकात्मक मुद्दा बन चुका है.
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