नोएडा में हुए बवाल के पाकिस्तान कनेक्शन का खुलासा, दो एक्स हैंडल का वहीं से हो रहा था संचालन
Noida Violence News: पुलिस की जांच में पता चला है कि दो एक्स हैंडल का पाकिस्तान से संचालन हो रहा था. तीन महीने से ये दोनों हैंडल पाकिस्तान से ऑपरेट हो रहा था.

नोएडा में हुए बवाल के पीछे पाकिस्तानी कनेक्शन सामने आया है. नोएडा में श्रमिकों के आंदोलन पर पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने कहा कि जांच में दो ऐसे एक्स (पहले ट्विटर) हैंडल सामने आए है जिनका संचालन पाकिस्तान से किया जा रहा था. PROUDINDIANNAVI (अनुसी तिवारी) हैंडल और MIRILYAS mir_ilyas_inc के नाम से तीन महीने पहले हैंडल बने थे. 13 अप्रैल को दंगे होने के बाद दोपहर को इन दोनों हैंडल से कई बार 14 लोगों की मौत और 32 घायल होने की भ्रामक ख़बर पोस्ट की थी. इस पोस्ट के बाद शहर के अलग अलग इलाकों में दंगे हुए थे.
इस मामले में एक संगठन के दो लोग भी गिरफ्तार किए गए हैं. रुपेश रॉय और मनीषा चौहान को भी गिरफ्तार किया है. इन लोगों पर बड़े पैमाने पर व्हाट्सएप ग्रुप बनाने और श्रमिकों को जोड़कर माहौल ख़राब करने का आरोप है. यही लोग व्हाट्सएप ग्रुप का क्यूआर कोड भी भेजते थे. अभी तक 13 FIR दर्ज की गई हैं और कुल 62 लोग गिरफ्तार किए गए हैं.
मनीष चौहान, रूपेश राय और आदित्य आनंद का नाम भड़काने में आया है. नोएडा पुलिस के मुताबिक, रूपेश 2018 से और आदित्य 2020 से लगातार देशभर में भ्रमण करते रहे हैं. रूपेश रॉय ऑटो चालक तो आदित्य बेरोजगार है.
पुलिस ने क्या कुछ बताया?
- 9 और 10 अप्रैल को QR कोड भेज के व्हाट्सएप ग्रुप बनाए गए
- 10 अप्रैल को को श्रमिक आंदोलन करते हैं
- 11 अप्रैल को रोड जाम करने के लिए उकसाया गया
- 11 अप्रैल को शांतिपूर्ण तरह से समझौता हुआ
- 11 अप्रैल को रूपेश और मनीषा चौहान भी पकड़े गए
- उत्तेजित भाषण देकर मजदूरों को भड़काया गया
- 13 अप्रैल को मदरसन के सामने इक्कठा होने के लिए भड़काया गया
- 13 अप्रैल को प्रदर्शन शांत करवाया गया
जांच में पता चला कि दो सोशल मीडिया X अकाउंट के द्वारा गलत सूचना फैलाई गई. प्रदर्शन के दौरान मजदूरों को ये X पोस्ट देखते हुए पाया गया. थाना सेक्टर 20 में उसी दिन FIR दर्ज करवाई गई. जांच में ये दोनों X अकाउंट हैंडल पाकिस्तान से संचालित हैं. इनके द्वारा VPN का इस्तेमाल किया गया. तीन महीने से पाकिस्तान से ऑपरेट हो रहा है.
पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने कहा कि कोई तत्व है जो औद्योगिक क्षेत्रों को डिस्टर्ब करना चाहते हैं. डाटा बेस का इस्तेमाल कर सोशल मीडिया के जरिए मजदूरों को भड़काया गया. ज्यादातर नॉन लेबर हैं. कुछ लोग बाहर से आए जो इस हिंसा में शामिल थे. NSA के तहत कार्रवाई की जायेगी.
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Source: IOCL



























