Noida में प्रदर्शनकारियों ने बयां किया दर्द, कमरे के किराये से लेकर राशन तक... इन वजहों से सड़क पर उतरे श्रमिक
Noida Protest News: नोएडा में प्रदर्शनकारियों ने बयां किया दर्द, कमरे के किराये से लेकर राशन तक... इन वजहों से सड़क पर उतरे श्रमिक

- नोएडा में वेतन वृद्धि की मांग को लेकर हजारों कर्मचारी सड़क पर उतरे.
- कर्मचारियों ने वेतन न बढ़ने और वादे पूरे न होने का आरोप लगाया.
- प्रदर्शन हिंसक हुआ, वाहनों में तोड़फोड़ और पथराव किया गया.
- यातायात प्रभावित हुआ, सेक्टर-62 में लंबी कतारें लगीं.
उत्तर प्रदेश स्थित गौतमबुद्धनगर के नोएडा फेज-2 में सैलरी बढ़ाने की मांग को लेकर बड़ी संख्या में कंपनी कर्मचारियों का प्रदर्शन हिंसक हो गया, जहां वाहनों और संपत्ति में तोड़फोड़ की गई और पथराव भी हुआ. नोएडा में सोमवार को हजारों कर्मचारियों ने सड़कों पर उतरकर जोरदार प्रदर्शन किया. यह प्रदर्शन वेतन वृद्धि (इंक्रीमेंट) और काम के समय को लेकर कंपनियों द्वारा किए गए वादों को पूरा न करने के विरोध में किया गया. कर्मचारियों का आरोप है कि बढ़ती महंगाई के बावजूद उनके वेतन में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई, जबकि कंपनियों ने पहले इंक्रीमेंट देने का आश्वासन दिया था.
एक महिला प्रदर्शनकारी ने कहा कि 'हमें कमरा किराए पर लेना पड़ता है, राशन खरीदना पड़ता है और बच्चों की पढ़ाई का खर्च उठाना पड़ता है-हम कैसे मैनेज करें?' एक अन्य प्रदर्शनकारी ने कहा,'हमारी मांगें पूरी होनी चाहिए. ₹12,000 में कुछ भी मैनेज नहीं हो सकता, इतने में घर नहीं चलता.'
सैलरी बढ़ाने की बात करते हैं, तो हमें धमकाया जाता है- प्रदर्शनकारी
आंदोलन कर रहे शख्स ने कहा कि, 'हमारी सैलरी नहीं बढ़ रही है. हम पिछले पांच साल से काम कर रहे हैं और अभी भी इस कंपनी में हमारी सैलरी करीब ₹12,000 ही है. जब हम सैलरी बढ़ाने की बात करते हैं, तो हमें धमकाया जाता है और नौकरी छोड़ने के लिए कहा जाता है.' एक अन्य प्रदर्शनकारी ने कहा'11,000–12,000 की सैलरी में जब हम बाजार में सामान खरीदने जाते हैं, तो क्या हमें अलग रेट मिलता है.'
उधर, प्रदर्शन के चलते शहर के कई प्रमुख इलाकों में यातायात व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो गई. सबसे ज्यादा असर सेक्टर-62 क्षेत्र में देखने को मिला, जहां बड़ी संख्या में कर्मचारियों ने सड़क पर उतरकर मार्ग को अवरुद्ध कर दिया. इस कारण सेक्टर-62 से सेक्टर-16 और एनएच -9 की ओर जाने वाले मार्गों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं. दफ्तर जाने वाले लोगों, स्कूल बसों और आम यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा.























