Noida: GBU प्रतिनिधिमंडल ने BIOFACH इंडिया एक्सपो-2025 में बढ़ाया भारत का गौरव, किस मुद्दे पर हुई चर्चा?
Noida News: कार्यक्रम में उत्तराखंड जैविक वस्त्र बोर्ड के विपणन अधिकारी पवन सिंह मनवाल ने वर्मीकोम्पोस्ट से बनने वाले वर्मीवॉश पर विस्तृत जानकारी दी. उन्होंने बताया कि यह एक उत्कृष्ट जैविक विकल्प है.

नोएडा स्थित गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय (GBU) के खाद्य प्रसंस्करण एवं प्रौद्योगिकी विभाग के संकाय सदस्यों का प्रतिनिधिमंडल अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आयोजित 17वें BIOFACH इंडिया एक्सपो-2025 में शामिल हुआ. यह प्रदर्शनी 30 अगस्त से 1 सितंबर तक आयोजित की जा रही है, जिसका मुख्य उद्देश्य जैविक उत्पादों, प्राकृतिक खाद्य पदार्थों और टिकाऊ प्रौद्योगिकियों को बढ़ावा देना है.
इस दौरान संकाय सदस्यों ने विभिन्न जैविक खाद्य कंपनियों, उत्पादकों और अधिकारियों से गहन चर्चा की. वार्ता में जैविक खेती, टिकाऊ कृषि पद्धतियों, जैविक प्रमाणन प्रक्रियाओं और वैश्विक स्तर पर उभरते जैविक खाद्य बाजार के अवसरों पर विशेष फोकस रहा.
जमीन की उर्वरकता का महत्व बताया
कार्यक्रम में उत्तराखंड जैविक वस्त्र बोर्ड के विपणन अधिकारी पवन सिंह मनवाल ने वर्मीकोम्पोस्ट से बनने वाले वर्मीवॉश पर विस्तृत जानकारी दी. उन्होंने बताया कि यह एक उत्कृष्ट जैविक विकल्प है, जो सिंथेटिक कीटनाशकों और रासायनिक उर्वरकों का प्रभावी विकल्प साबित हो सकता है. वर्मीवॉश में एंजाइम, विटामिन, हार्मोन, सूक्ष्मजीव और आवश्यक पोषक तत्व प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं, जो पौधों की वृद्धि, मिट्टी की उर्वरता और रोग-प्रतिरोधक क्षमता को प्राकृतिक तरीके से बढ़ाते हैं.
खाद्य प्रसंस्करण में रोजगार के मौके
GBU प्रतिनिधिमंडल ने इस अवसर पर छात्रों के लिए इंटर्नशिप, उद्योग दौरे और रोजगार अवसरों को लेकर भी कई कंपनियों से सहमति प्राप्त की. इससे छात्रों को न केवल व्यावहारिक अनुभव मिलेगा बल्कि खाद्य प्रौद्योगिकी और जैविक खाद्य प्रसंस्करण उद्योग में करियर की नई संभावनाएं भी खुलेंगी.
ये कम्पनियां रहीं शामिल
BIOFACH-2025 में भारत और विदेशों से कई जैविक उत्पादक, शोधकर्ता, उद्योगपति और उद्यमी एकत्र हुए. प्रमुख प्रदर्शकों में APEDA, उत्तराखंड जैविक वस्त्र बोर्ड, भारतीय मसाला बोर्ड, अमूल ऑर्गेनिक, ऑर्गेनिक इंडिया, हिमालय वेलनेस कंपनी, पटेल ऑर्गेनिक्स, डम्बल नट्स, बोट ऑर्गेनिक और GCL इंटरनेशनल जैसी संस्थाएं शामिल रहीं. उन्होंने जैविक अनाज, मसाले, हर्बल उत्पाद, डेयरी विकल्प, इको-फ्रेंडली पैकेजिंग और उन्नत बायोटेक खाद्य उत्पादों की विस्तृत श्रृंखला का प्रदर्शन किया.
एक्सपो में आयोजित सेमिनार, कार्यशालाएं और पैनल चर्चाओं ने प्रतिभागियों को जैविक कृषि, जलवायु लचीलापन और अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक संभावनाओं से अवगत कराया.
GBU प्रतिनिधिमंडल ने इसे एक महत्वपूर्ण नेटवर्किंग मंच करार दिया और कहा कि इस तरह के आयोजन सहयोगात्मक शोध, नवाचार और टिकाऊ उत्पाद विकास को नई दिशा देने में मददगार हैं. इस दौरे ने न केवल छात्रों और संकाय को अंतरराष्ट्रीय स्तर के अनुभव से जोड़ा बल्कि भारत की वैश्विक जैविक खाद्य उद्योग में बढ़ती भूमिका की भी पुष्टि की.
टॉप हेडलाइंस
Source: IOCL





















