नैनीताल में आधी रात तक जिला पंचायत अध्यक्ष वोटिंग की हुई गिनती, सुबह डीएम ने की प्रेस कॉन्फ्रेंस
Nainital News: गुरुवार शाम 5 बजे तक चले चुनाव के बाद जिला प्रशासन ने निर्वाचन दिशानिर्देशों का पालन करते हुए रात 3 बजे मतगणना शुरू की.काउंटिंग के दौरान कई कैमरों की निगरानी और फ़ोर्स की तैनाती रही.

उत्तराखंड के नैनीताल में जिला पंचायत अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव में ख़ासा हंगामा और मारपीट व सदस्यों के अपहरण का आरोप लगा था. अब डीएम के मुताबिक गुरुवार को हुई वोटिंग के बाद मतगणना की प्रक्रिया रात 3 बजे पूरी कर ली गई, जिलाधिकारी वंदना सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि निर्वाचन नियमावली के तहत कड़ी सुरक्षा और वीडियो रिकॉर्डिंग के बीच मतों की गिनती की गई, जिसमें 22 जिला पंचायत सदस्यों ने हिस्सा लिया.
इस घटनाक्रम ने स्थानीय राजनीति में चर्चा को गहरा दिया है. विपक्षी कांग्रेस नेताओं ने नैनीताल हाईकोर्ट में अपील की, जिस पर कोर्ट ने 18 अगस्त को फिर चुनाव और गायब जिला पंचायत सदस्यों को लाने के निर्देश दिए हैं.
वोटिंग और मतगणना की प्रक्रिया
गुरुवार शाम 5 बजे तक चले चुनाव के बाद जिला प्रशासन ने निर्वाचन दिशानिर्देशों का पालन करते हुए रात 3 बजे मतगणना शुरू की. काउंटिंग के दौरान कई कैमरों की निगरानी और सुरक्षा बलों की तैनाती रही. डीएम वंदना सिंह ने कहा कि एसएसपी ने अपहरण मामले में अभी तक जांच रिपोर्ट नहीं दी है. मतदान का समय 5 बजे समाप्त हो गया था, जिसके बाद आयोग से दिशानिर्देश मिले कि नियमावली के अनुसार मतगणना कराई जाए. उन्होंने स्पष्ट किया कि जिला निर्वाचन अधिकारी के पास चुनाव स्थगित या निरस्त करने का अधिकार नहीं है, इसलिए वोटों की गिनती ऑब्जर्वर की मौजूदगी में की गई.
सुरक्षा और पारदर्शिता का ध्यान
मतदान के बाद वोटिंग बॉक्स को सील कर स्ट्रांग रूम में रखा गया है. डीएम ने बताया कि चारों प्रत्याशियों को विभिन्न माध्यमों से सूचित किया गया था, और जो उपस्थित हुए, उनके सामने पूरी प्रक्रिया अमल में लाई गई. वीडियो रिकॉर्डिंग के जरिए पारदर्शिता सुनिश्चित की गई. मतगणना के परिणाम 18 अगस्त को नैनीताल उच्च न्यायालय में होने वाली सुनवाई के दौरान प्रस्तुत किए जाएंगे.
आयोग को विस्तृत रिपोर्ट
जिलाधिकारी ने कहा कि हमने आयोग को पूरे घटनाक्रम की विस्तृत रिपोर्ट भेज दी है. यह प्रक्रिया पूरी तरह नियमावली के तहत हुई है. इस मामले में सुरक्षा व्यवस्था और चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठ रहे हैं, लेकिन प्रशासन का दावा है कि हर कदम पारदर्शी रहा. स्थानीय लोगों और राजनीतिक दलों की नजर अब अगली सुनवाई पर टिकी है.
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Source: IOCL






















