बदहाली के आंसू बहा रहा है सोनभद्र में बना ये संग्रहालय, आसपास के लोग ही पहुंचा रहे हैं नुकसान
सोनभद्र के नगवा विकासखंड में स्थित मऊ कला ग्राम पंचायत में बनाए गए संग्रहालय में आने वालों की संख्या भी ना के बराबर हो गई है. स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन की तरफ से इसको संरक्षित ना किए जाने के कारण अब आसपास के लोग इसे नुकसान पहुंचा रहे हैं.

सोनभद्र: उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले के नगवां विकासखंड के मऊ कला गांव में धरोहरों को संरक्षित करने के उद्देश्य से बना संग्रहालय अपनी बदहाली के आंसू बहा रहा है. यह क्षेत्र बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश से सटा हुआ है. एक तरफ जहां इस क्षेत्र में जमीन के अंदर से खुदाई के दौरान देवी देवताओं की प्रतिमाएं मिलती हैं वहीं भगवान बुद्ध की भी प्रतिमाएं क्षेत्र से मिलती हैं. शासन के निर्देश पर यहां संग्रहालय तो बनाया गया लेकिन इन मूर्तियों की देखरेख तो दूर अब संग्रहालय ही बदहाल हालत में है.
अतिक्रमण की भेंट चढ़ चुका है संग्रहालय
संग्रहालय में लगे खिड़की और दरवाजों को भी लोगों ने नुकसान पहुंचाया है. इतना ही नहीं खाली पड़े कमरों में कहीं भूसा रखा हुआ है तो किसी कमरे में सड़क मरम्मत का कार्य कराने वाले ठेकेदारों ने तारकोल और अन्य सामान रखा हुआ है. आसपास के लोगों का कहना है कि पहले यहां पर इसकी देखरेख के लिए कर्मचारी लगाए गए थे लेकिन अब उनको भी हटा दिया गया है. ऐसे में आसपास के लोग इसको क्षति पहुंचा रहे हैं. अब ये संग्रहालय बादहाल है और अतिक्रमण की भेंट चढ़ चुका है.
लोग पहुंचा रहे हैं नुकसान
सोनभद्र के नगवा विकासखंड में स्थित मऊ कला ग्राम पंचायत में बनाए गए संग्रहालय में कुछ मूर्तियों को रखा गया है लेकिन ये संग्रहालय कभी नहीं खुलता है. यहां आने वालों की संख्या भी ना के बराबर हो गई है. स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन की तरफ से इसको संरक्षित ना किए जाने के कारण अब आसपास के लोग इसे नुकसान पहुंचा रहे हैं.
प्रशासन ने ध्यान नहीं दिया
हालांकि, इस संबंध में जब स्थानीय जनप्रतिनिधि पूर्व जिला पंचायत सदस्य बबलू धांगर से बात की गई तो उन्होंने बताया कि इसे काफी पहले बनाया गया था और उस समय नक्सल प्रभावित जिला होने के कारण यहां पर सीआरपीएफ और पीएसी के कैंप रहा करते थे. इसके साथ ही संग्रहालय की देखरेख के लिए भी अलग से कर्मचारी नियुक्त थे. लेकिन, समय बीतने के साथ एक तरफ जहां सीआरपीएफ और पीएसी के लोग हटे वहीं दूसरी तरफ संग्रहालय में लगे कर्मचारियों को भी हटा दिया गया. प्रशासन की तरफ से इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया गया.
एसडीएम को सौंपी गई जांच
इस मामले में जब जिला अधिकारी अभिषेक सिंह से बात की गई गई तो उन्होंने बताया कि मामले की जानकारी मीडिया के जरिए उन्हें प्राप्त हुई है. अब एसडीएम को मामले की जांच करने का जिम्मा सौंपा गया है. जांच के बाद जो भी रिपोर्ट आएगी उसके अनुरूप आगे की कार्रवाई की जाएगी.
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