Mock Drill In UP: यूपी मॉक ड्रिल में क्या-क्या होगा? UP DGP प्रशांत कुमार ने दी ये अहम जानकारियां
Mock Drill In UP: यूपी डीजीपी प्रशांत कुमार ने कहा कि 7 मई को सिविल डिफेंस के मॉक ड्रिल के संबंध में भारत सरकार से निर्देश मिले हैं, इसके लिए यूपी 19 जिलों को चिन्हित किया गया है.

Mock Drill In UP: उत्तर प्रदेश में मॉक ड्रिल को लेकर तैयारियां जारी है. इस बीच उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक प्रशांत कुमार ने अहम जानकारी दी है. उत्तर प्रदेश के DGP प्रशांत कुमार ने कहा, "7 मई को सिविल डिफेंस के मॉक ड्रिल के संबंध में भारत सरकार से निर्देश प्राप्त हुए हैं. (यूपी में) 17 जिलों की पहचान की गई है, जिसमें एक जिला ए श्रेणी में है, 2 जिले सी श्रेणी में हैं और बाकी बी श्रेणी में हैं. यहां की संवेदनशीलता को मद्देनजर रखते हुए शासन द्वारा यह निर्देश दिए गए हैं कि सभी जिलों में सिविल प्रशासन, पुलिस प्रशासन, अग्निशमन सेवा, आपदा प्रतिक्रिया बल के साथ मिलकर यह मॉक ड्रिल की जाए, ताकि आकस्मिकता की स्थिति में हम इन चीजों से निपट सकें."
गौरतलब है कि गृह मंत्रालय के निर्देश पर यूपी के 17 जिलों को मॉक ड्रिल के लिए चिन्हित किया गया है. प्रशासन ने इन जिलों को कैटेगरी ए, कैटेगरी बी और कैटेगरी सी में बांटा है. ये कैटेगरी इन इलाकों की संवेदनशीलता को देखते हुए विभाजित की गई है. मॉक ड्रिल के दौरान इन जिलों में सिविल प्रशासन, पुलिस प्रशासन, फायर ब्रिगेड की टीम और आपदा सेवा के साथ मिलकर तैयारी की जाएगी. यूपी में जिन 17 जिलों में मॉक ड्रिल होनी है उनमें बुलंदशहर (नरोरा) को कैटेगरी ए, बागपत और मुजफ्फरनगर को कैटेगरी सी और 16 जिलों को कैटेगरी बी में रखा गया है.
ये जगहें कई मायनों में महत्वपूर्ण हैं क्योंकि यहां भारतीय सेना का मूवमेंट होता है. इन जगहों पर या तो भारतीय वायुसेना और इंडियन आर्मी के ठिकाने हैं. पाकिस्तान के साथ अगर युद्ध की स्थिति होती है तो इन जगहों पर दुश्मनों की नजर हो सकती है. ऐसे में यहां पर सुरक्षा के इंतजाम करना गृहमंत्रालय के लिए बेहद जरुरी होगा. लोगों को भी मॉक ड्रिल के लिए पूरी तरह से जागरुक रहना होगा.
मॉक ड्रिल के दौरान लोगों को करने होंगे ये काम
इस मॉक ड्रिल के दौरान जैसे ही सायरन बजने शुरू होंगे लोगों को सतर्क होकर सुरक्षित स्थानों-जैसे बंकर, सुरक्षित कमरे में जाकर छुप जाना होगा और खुले स्थान से दूर जाना होगा. इस दौरान ब्लैकआउट रहेगा. इसका अर्थ यह है कि हमले के समय सभी घरों, दफ्तरों और सार्वजनिक स्थानों की बिजली बंद कर दी जाएंगी, ताकि दुश्मन की नजरों से बचा जा सके.
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