देश का पहला शहर मेरठ, जहां एक ही ट्रैक पर चलेगी मेट्रो और ट्रेन, इन 13 स्टेशनों पर होगा स्टॉपेज
Meerut Metro की सबसे दिलचस्प बात इसका नमो भारत ट्रेन के साथ इंटीग्रेशन है. मेरठ मेट्रो और नमो भारत ट्रेन एक ही ट्रैक पर चलेंगी. यहां जानें कि इसका रूट क्या होगा?

देश की सबसे तेज मेट्रो सेवाओं में शामिल मेरठ मेट्रो अब शुरू होने के लिए तैयार है. 22 फरवरी 2026 को इसके उद्घाटन की तैयारी है. यह सिर्फ मेरठ शहर के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे दिल्ली–एनसीआर कनेक्टिविटी मॉडल के लिए एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है, क्योंकि मेरठ मेट्रो और नमो भारत ट्रेन एक ही ट्रैक पर चलेंगी. यानी यात्रियों को एकीकृत, तेज और बिना झंझट वाली यात्रा का अनुभव मिलेगा.
मेरठ में पहली बार मेट्रो सेवा शुरू हो रही है. मेरठ मेट्रो की अधिकतम गति 120 किलोमीटर प्रति घंटा होगी, जिससे यह देश की तेज मेट्रो सेवाओं में गिनी जाएगी. मेरठ साउथ से मोदीपुरम तक करीब 21 किलोमीटर लंबे रूट पर चलने वाली यह मेट्रो शहर के दक्षिण से उत्तर तक मजबूत कनेक्टिविटी देगी.
Meerut Metro के 13 स्टेशन कौन से?
इस रूट पर मेरठ साउथ, प्रतापपुर, रिठानी, शताब्दी नगर, ब्रह्मपुरी, मेरठ सेंट्रल (अंडरग्राउंड), भैंसाली (अंडरग्राउंड), बेगमपुल (अंडरग्राउंड), एमईएस कॉलोनी, दौरली, मेरठ नॉर्थ, मोदीपुरम और मोदीपुरम डिपो जैसे स्टेशन शामिल हैं. खास बात यह है कि सभी स्टेशनों पर रुकने के बावजूद मेट्रो करीब 30 मिनट में एक छोर से दूसरे छोर तक पहुंच सकेगी. इससे शहर के भीतर ट्रैफिक जाम और लंबी दूरी के सफर की परेशानी कम होने की उम्मीद है.
इस परियोजना की सबसे दिलचस्प बात इसका नमो भारत ट्रेन के साथ इंटीग्रेशन है. मेरठ मेट्रो और नमो भारत ट्रेन एक ही ट्रैक पर चलेंगी, जिससे दोनों सेवाएं एक इंटीग्रेटेड ट्रांसपोर्ट सिस्टम के तहत काम करेंगी. यात्रियों को एक ट्रेन से दूसरी ट्रेन में बदलते समय अतिरिक्त झंझट का सामना नहीं करना पड़ेगा और सफर ज्यादा सहज होगा.
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मेरठ मेट्रो के कोच स्टेनलेस स्टील के बने हैं, जो हल्के होने के साथ ऊर्जा की बचत करते हैं. तीन कोच वाली इस ट्रेन में ऑटोमैटिक ट्रेन ऑपरेशन और ऑटोमैटिक ट्रेन प्रोटेक्शन जैसी आधुनिक तकनीकें लगी हैं. ट्रेन में आधुनिक ब्रेकिंग सिस्टम भी दिया गया है. एसी मेट्रो में करीब 700 यात्रियों की क्षमता होगी. इसमें बैठने की सीटें, सामान रखने के लिए रैक, मोबाइल चार्जिंग पोर्ट और महिलाओं, बुजुर्गों व दिव्यांग यात्रियों के लिए आरक्षित सीटें उपलब्ध होंगी.
सुरक्षा के लिहाज से ट्रेनों और स्टेशनों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं. प्लेटफॉर्म स्क्रीन डोर, लिफ्ट और व्हीलचेयर जैसी सुविधाएं भी यात्रियों को मिलेंगी. मेरठ उत्तर प्रदेश का पांचवां शहर होगा जहां मेट्रो सेवा शुरू होगी. इससे पहले लखनऊ, कानपुर, नोएडा–ग्रेटर नोएडा और आगरा में मेट्रो संचालित है. आगे गोरखपुर, बरेली, वाराणसी और झांसी जैसे शहरों में भी मेट्रो परियोजनाओं पर काम चल रहा है.
Namo Bharat कॉरिडोर का भी काम अंतिम चरण में
उधर नमो भारत कॉरिडोर भी अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है. दिल्ली के सराय काले खां से मेरठ तक पूरा हाई-स्पीड रूट 22 फरवरी 2026 को शुरू होने जा रहा है. इसके साथ ही 82.15 किलोमीटर लंबा नमो भारत कॉरिडोर आम यात्रियों के लिए पूरी तरह चालू हो जाएगा. अभी नमो भारत ट्रेन दिल्ली के न्यू अशोक नगर से मेरठ साउथ तक करीब 55 किलोमीटर हिस्से में चल रही है.
एनसीआरटीसी के मुताबिक 22 फरवरी को न्यू अशोक नगर से सराय काले खां के बीच 5 किलोमीटर और मेरठ साउथ से मोदीपुरम के बीच 21 किलोमीटर का सेक्शन खोला जाएगा. इससे सराय काले खां सीधे मेरठ से जुड़ जाएगा और दिल्ली से मेरठ की दूरी एक घंटे से भी कम समय में तय की जा सकेगी.
इस कॉरिडोर की नींव 8 मार्च 2019 को रखी गई थी. 20 अक्टूबर 2023 को साहिबाबाद से दुहाई डिपो के बीच 17 किलोमीटर का पहला सेक्शन शुरू हुआ. इसके बाद 6 मार्च 2024 को मोदीनगर नॉर्थ तक विस्तार हुआ, 18 अगस्त 2024 को मेरठ साउथ तक ट्रेन पहुंची और 5 जनवरी 2025 को साहिबाबाद से न्यू अशोक नगर के बीच का सेक्शन खोला गया.
नमो भारत ट्रेन की डिजाइन स्पीड 180 किलोमीटर प्रति घंटा है. औसतन ट्रेन 90 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चलती है और अधिकतम परिचालन गति 160 किलोमीटर प्रति घंटा तक जाती है. इसके शुरू होने से दिल्ली–मेरठ का सफर पहले के मुकाबले कहीं ज्यादा तेज और आसान हो जाएगा.
सराय काले खां मल्टी-मोडल हब के रूप में तैयार
सराय काले खां स्टेशन को मल्टी-मोडल हब के रूप में तैयार किया गया है. यहां से बस टर्मिनल, रेलवे और दिल्ली मेट्रो से कनेक्टिविटी मिलेगी. इससे एनसीआर के यात्रियों को एक ही जगह से कई परिवहन विकल्प मिलेंगे और रोज़ाना आने-जाने वालों का समय बचेगा.
मेरठ मेट्रो और नमो भारत का संयुक्त संचालन उत्तर प्रदेश और एनसीआर में पब्लिक ट्रांसपोर्ट की तस्वीर बदलने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है. इसके शुरू होने से मेरठ के लोगों को रोजाना सफर में बड़ी राहत मिलने और सार्वजनिक परिवहन पर निर्भरता बढ़ने की उम्मीद है.
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