मेरठ: गंगा का बढ़ता जलस्तर बना खतरा, हस्तिनापुर खादर के गांवों में अफरातफरी
Meerut News: ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की उदासीनता के चलते उनकी परेशानियां और बढ़ गई हैं. उनका कहना है कि नेता और अधिकारी केवल कागजों पर मदद दिखा रहे हैं.

पहाड़ों पर लगातार हो रही बारिश और गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से मेरठ के हस्तिनापुर के खादर इलाके के हालात बिगड़ते जा रहे हैं. गंगा की तेज धारा अब गांवों की ओर रुख कर चुकी है. क्षेत्र के बस्तोरा नारंग और मखदुमपुर सहित एक दर्जन गांव तक पानी पहुंचने से लोगों में हड़कंप मच गया. खतरा देखते ही ग्रामीण परिवारों ने बच्चों और बुजुर्गों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना शुरू कर दिया. कई मकान खाली हो चुके हैं और लोग जरूरी सामान के साथ पलायन करने को मजबूर हैं.
गंगा के कटान से मखदुमपुर किशोरपुर, जलालपुर जोरा, बस्तोरा नारंग समेत एक दर्जन गांव सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं. 54 गांवों की लगभग 5600 हेक्टेयर फसल बर्बाद हो चुकी है. कई जगह घरों के अंदर पानी भर गया है, वहीं संपर्क मार्ग भी डूब गए हैं. इससे ग्रामीणों का आवागमन पूरी तरह ठप हो गया है. बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे और परिवारों को समय पर राशन तक नहीं मिल रहा.
नेता और अधिकारी केवल कागजों पर मदद दिखा रहे
गांवों के हालात देखकर साफ है कि लोग बेहद बदहाली में जी रहे हैं. ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की उदासीनता के चलते उनकी परेशानियां और बढ़ गई हैं. उनका कहना है कि नेता और अधिकारी केवल कागजों पर मदद दिखा रहे हैं, जमीनी हकीकत कुछ और है.
लगातार जारी है राहत कार्य
हालांकि प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि राहत कार्य लगातार जारी हैं. बाढ़ प्रभावित गांवों में जरूरी सामान और खाद्य सामग्री पहुंचाई जा रही है. वहीं जिन घरों तक पानी पहुंच गया है, वहां से लोगों को निकालकर सुरक्षित ठिकानों तक पहुंचाया जा रहा है. प्रशासन ने लोगों को चेतावनी दी है.
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Source: IOCL






















