शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के विवाद पर मौलाना शहाबुद्दीन की प्रतिक्रिया, जानें क्या कहा?
Bareilly News: मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद विवाद पर कहा, "प्रयागराज में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी को लेकर स्नान पर जो विवाद हुआ था, उसे अब खत्म कर देना चाहिए.

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में 18 जनवरी को मौनी अमावस्या के दिन मेला प्राधिकरण और स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के बीच विवाद थमता नजर नहीं आ रहा है. अविमुक्तेश्वरानंद अभी भी धरने पर बैठे हैं, वहीं इस मामले पर ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी का बयान आया है, जिसमें उन्होंने इस विवाद को खत्म कर शंकराचार्य से भी नाराजगी खत्म करने की अपील की है. मौलाना शहाबुद्दीन ने यह बयान बरेली में मीडिया से बातचीत के दौरान कहा.
मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद विवाद पर कहा, "प्रयागराज में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी को लेकर स्नान पर जो विवाद हुआ था, उसे अब खत्म कर देना चाहिए और शंकराचार्य जी को भी अपनी नाराजगी खत्म कर देनी चाहिए.” यह बयान उस समय आया है जब शंकराचार्य की सेहत भी बिगड़ रही है. इसके साथ ही इस विवाद पर राजनीति में भी तेज हो चुकी है.
स्नान को जाते समय हुआ था विवाद
दरअसल यह विवाद मौनी अमावस्या पर उस वक्त हुआ था जब शंकारचार्य अविमुक्तेश्वरानंद अमावस्या स्नान के लिए अपनी पालकी पर सवार होकर जा रहे थे और मेला अधिकारियों ने उन्हें रोक दिया था. जिसके बाद उनके समर्थकों की पुलिस और अधिकारियों से झड़प हो गई. इस घटना से क्षुब्द होकर अविमुक्तेश्वरानंद अपने आश्रम के बाहर ही धरने पर बैठ गए.
इस विवाद में समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव समेत सभी विपक्षी दलों ने सरकार पर नाराजगी दिखाते हुए शंकराचार्य को स्नान कराने के लिए कहा, लेकिन यह विवाद अब लगातार बढ़ता जा रहा है. यही नहीं सीएम योगी के कालनेमि बयान के बाद यह और बढ़ चुका है. वहीं माघ मेले में धरने पर बैठने से स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की सेहत भी बिगड़ी है, जबकि मेला प्राधिकरण उन्हें शंकराचार्य की पदवी समेत जमीन आवंटन को लेकर दो नोटिस भेज चुका है. जिस पर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने तीखी प्रतिक्रिया दी थी.
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