मथुरा हादसा: यमुना नदी में नाव पलटने से अबतक 10 लोगों की मौत, कई लापता, मृतकों के नाम आए सामने
Mathura Boat Tragedy: अधिकारियों ने बताया कि इलाके में पानी का स्तर बढ़ने के कारण पीपा पुल को हाल ही में हटा दिया गया था, जिससे नदी में कुछ पोंटून खुले रह गए थे.

उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में शुक्रवार को यमुना नदी में श्रद्धालुओं/पर्यटकों से भरी एक नौका के पलट जाने से 10 लोगों की मौत हो गई जबकि कई अन्य लापता हैं. एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी. उन्होंने कहा कि कि राहत-बचाव कार्य जारी है. मथुरा के जिलाधिकारी (डीएम) चंद्र प्रकाश सिंह ने इस हादसे में छह लोगों की मौत की पुष्टि करते हुए बताया था कि सभी पर्यटक पंजाब के रहने वाले थे.
यमुना में नौका विहार करते समय नाव पलटने से हुए हादसे में अब तक दस महिला और पुरुषों के शव निकाले जा चुके हैं. देर रात घटना में पलटने वाली नाव भी यमुना से निकाली जा चुकी है, इस घटना के समय से 37 लोगों में से 5 लोग अभी तक लापता हैं. जिन्हें तलाशने के लिए प्रशासन सुबह सर्च ऑपरेशन चलाएगा.
इसके बाद अधिकारियों ने कहा कि बचाव दल ने चार और लोगों के शव बरामद किये हैं, जिससे मरने वालों की संख्या बढ़कर 10 हो गई है. बताया जा रहा है कि नौका में दो दर्जन से अधिक पर्यटक सवार थे. एक आधिकारिक सूची के अनुसार मृतकों की पहचान कविता रानी (49), चरनजीत (40), रिकेश गुलाटी, मधुर बहल, आशा रानी, पिंकी बहल (38), अंजू गुलाटी, ईशान कटारिया, मीनू बंसल और सपना हंस (55) के रूप में हुई.
अधिकारी के बयान में कहा गया कि आठ घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है. इसके अलावा नौका पर सवार रहे 14 लोगों की सामान्य स्थिति है. बयान में कहा गया है कि पांच लोग अब भी लापता है, जिनमें मानिक टंडन, पंकज मल्होत्रा, ऋषभ शर्मा, यश भल्ला और मोनिका के नाम शामिल हैं. राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ), अग्निशमन सेवा, नागरिक सुरक्षा, सेना की टीम लगभग 50 स्थानीय गोताखोरों के साथ मिलकर बचाव अभियान चला रही हैं.
15 लोगों को नदी से निकाला बाहर
अधिकारियों के मुताबिक गुलाब नामक एक स्थानीय गोताखोर ने बताया कि अब तक लगभग 15 लोगों को नदी से बाहर निकाला जा चुका है. प्रत्यक्षदर्शियों ने मीडिया को बताया कि तेज हवाओं के कारण नौका बीच नदी में तेजी से डगमगाने लगी और एक पुल से टकराकर वह पलट गई. जिलाधिकारी ने बताया कि दुर्घटना के समय नाव पर मौजूद लोगों की कुल संख्या का पता नहीं चल पाया है लेकिन उनके साथ गये लोगों का कहना है कि पांच लोग अब भी लापता हैं, जिनकी तलाश में पुलिस, एसडीआरएफ, अग्निशमन सेवा, नागरिक सुरक्षा, सेना तथा स्थानीय गोताखोर आदि जुटे हुए हैं.
पंजाब के लुधियाना से आए थे श्रद्धालु
अधिकारियों ने बताया कि ये श्रद्धालु पंजाब के लुधियाना और अन्य शहरों से आए लगभग 150 तीर्थयात्रियों के एक बड़े समूह का हिस्सा थे. उन्होंने कहा कि यह दुर्घटना केसी घाट के पास तब हुई, जब नौका गहरे पानी में जाने के बाद एक तैरते हुए पोंटून (पीपा पुल का एक हिस्सा) से टकरा गई. अधिकारियों ने बताया कि इलाके में पानी का स्तर बढ़ने के कारण पीपा पुल को हाल ही में हटा दिया गया था, जिससे नदी में कुछ पोंटून खुले रह गए थे. ऐसा माना जा रहा है कि उन्हीं में से एक पोंटून से टकराने के कारण नौका पलटी.
सीएम योगी ने मृतकों के परिजनों को मुआवजा देना का दिया निर्देश
इस बीच, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस दुखद हादसे का संज्ञान लिया है. उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति गहरा शोक व्यक्त करते हुए संवेदना प्रकट की. आदित्यनाथ ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि राहत एवं बचाव कार्य में तेजी लाई जाए और घायलों को तुरंत बेहतर चिकित्सा सुविधा मुहैया कराई जाए. मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों को नियमानुसार उचित मुआवजा देने के भी निर्देश दिए.
मुख्यमंत्री के निर्देश पर पहुंचे विधायक राजेश चौधरी
एक आधिकारिक जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री के निर्देश पर गन्ना विकास एवं चीनी मिलें मंत्री चौधरी लक्ष्मीनारायण एवं मांट क्षेत्र के विधायक राजेश चौधरी भी राहत एवं बचाव कार्य का निरीक्षण करने वृन्दावन में घटनास्थल पहुंच गए हैं. अपर पुलिस महानिदेशक अनुपम कुलश्रेष्ठ, मण्डल आयुक्त नगेंद्र प्रताप, पुलिस उप महानिरीक्षक शैलेष कुमार पाण्डेय, जिलाधिकारी चंद्रप्रकाश सिंह इत्यादि अधिकारी भी मौके पर पहुंचकर राहत कार्यों एवं लापता तीर्थयात्रियों को ढूंढने के कार्यों की निगरानी कर रहे हैं.
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Source: IOCL



























