Mahoba News: महोबा अस्पताल में ट्रांसफार्मर विस्फोट से हड़कंप, कर्मचारी ने बचाई मरीजों की जान
Mahoba News In Hindi: महोबा जिला अस्पताल में ट्रांसफार्मर में आग लगने से अफरा-तफरी मच गई. अस्पताल कर्मचारी ने अग्निशमन यंत्र से आग बुझाई, जिससे बड़ा हादसा टला.

उत्तर प्रदेश के महोबा जिला अस्पताल में बीती रात उस वक्त हड़कंप मच गया जब इमरजेंसी वार्ड के ठीक पास रखे विद्युत ट्रांसफार्मर में जोरदार विस्फोट के साथ भीषण आग लग गई. धुएं के गुबार और धमाके की आवाज से तीमारदारों में भगदड़ मच गई. बड़ा हादसा तब टला जब अस्पताल के एक सतर्क कर्मचारी ने अग्निशमन यंत्र से आग पर काबू पाया.
रात साढ़े बारह बजे अचानक लगी आग, पूरा परिसर धुएं में लिपटा
रात करीब साढ़े 12 बजे इमरजेंसी वार्ड के पास रखे ट्रांसफार्मर ने अचानक आग पकड़ ली. देखते ही देखते तेज आवाज के साथ विस्फोट हुआ और पूरा अस्पताल परिसर काले धुएं की चादर में लिपट गया. आधी नींद में सो रहे मरीज और तीमारदार घबरा गए और इधर-उधर भागने लगे. प्रत्यक्षदर्शी व प्राइवेट एंबुलेंस संचालक अनूप शर्मा के अनुसार आग इतनी अचानक और तेज थी कि संभलने का मौका ही नहीं मिला. करीब तीस मिनट तक ट्रांसफार्मर से आग की लपटें उठती रहीं.
न दमकल पहुंची, न बिजली विभाग - कर्मचारी की सूझबूझ ने बचाया
इस पूरे संकट में सिस्टम की बड़ी लापरवाही सामने आई. इतनी संवेदनशील जगह पर हादसे के बावजूद न तो दमकल विभाग की गाड़ी पहुंची और न ही बिजली विभाग का कोई कर्मचारी. अगर समय रहते अस्पताल के एक कर्मचारी ने साहस दिखाकर अग्निशमन यंत्र का इस्तेमाल न किया होता तो आग विकराल रूप ले सकती थी और वार्डों तक पहुंच सकती थी.
वेंटिलेटर और ऑक्सीजन पर निर्भर मरीज बचे, अस्पताल प्रशासन ने काटी बिजली
राहत की बात यह रही कि अस्पताल प्रशासन ने तुरंत बिजली काटकर दूसरी लाइन से आपूर्ति बहाल कर दी, जिससे वेंटिलेटर और ऑक्सीजन पर निर्भर मरीजों की जान जोखिम में नहीं आई. हालांकि यह घटना महोबा के स्वास्थ्य और विद्युत विभाग की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है. आखिर एक अस्पताल जैसी संवेदनशील जगह पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम क्यों नहीं हैं.
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