युवाओं के लिए बेरोजगारी अहम मुद्दा, बिगाड़ सकते हैं सूरमाओं का गणित
उत्तर प्रदेश में लगभग 14 करोड़ 40 लाख मतदाता हैं। इनमें से आधे से ज्यादा (करीब 8 करोड़) युवा मतदाता हैं। इससे ये तो साफ समझा जा सकता है कि नई सरकार के गठन में युवा मतदाता निर्णायक भूमिका अदा करेंगे।

करीब 22 करोड़ की आबादी वाले देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश में लगभग 14 करोड़ 40 लाख मतदाता हैं। इनमें से आधे से ज्यादा (करीब 8 करोड़) युवा मतदाता हैं। इससे ये तो साफ समझा जा सकता है कि नई सरकार के गठन में युवा मतदाता निर्णायक भूमिका अदा करेंगे। चुनाव में युवा वोटरों की भारी भरकम हिस्सेदारी को देखते हुए, सभी राजनीतिक दल भी उन्हें लुभाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ रही हैं। ऐसा माना जा रहा है कि उत्तर प्रदेश की 80 लोकसभा सीटों में से 50 से भी अधिक सीटों पर युवा मतदाता प्रत्याशियों की किस्मत का फैसला करेंगे। ऐसे में बीजेपी से लेकर एसपी-बीएसपी तक हर कोई युवा मतदाताओं से जुड़ने का प्रयास कर रही हैं।
- यूपी कुल मतदाता- 14 करोड़ 40 लाख
- पुरुष मतदाता- 7.79 करोड़
- महिला मतदाता- 6.61 करोड़
- कुल मतदाता के 60 फीसदी मतदाता 20-35 वर्ष के बीच के युवा
- करीब 8 करोड़ की तादाद वाला ये युवा निर्णायक वोटर रहेगा
प्रदेश में करीब 21 लाख लोग बेरोजगार
इस बार के लोकसभा चुनाव में बेरोजगारी अहम चुनावी मुद्दा है, जिसको भुनाने का एक भी मौका विपक्ष नहीं छोड़ रहा। बात उत्तर प्रदेश की करें, तो यहां करीब 21 लाख 40 हजार पंजीकृत बेरोजगार हैं। ये जानकारी खुद राज्य के श्रम एवं सेवायोजन मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने 29 अगस्त, 2018 को सदन में दी थी। कांग्रेस विधायक दीपक सिंह द्वारा विधानसभा में पूछे गए सवाल के जवाब में मौर्य ने बताया कि 30 जून, 2018 तक प्रदेश में 21 लाख 40 हजार बेरोजगारों का पंजीकरण हुआ है। उन्होंने बताया कि सरकारी नौकरियों के अवसर की तुलना में बेरोजगारों की तादाद काफी ज्यादा है।
ऐसे में आम चुनाव 2019 में निर्णायक भूमिका अदा करने जा रहे युवाओं को हर दल लुभाने में जुटा है। विपक्ष बेरोजगारी के मुद्दे को हथियार बनाकर सरकार को घेरने में जुटी है। हालांकि इन सब के बीच राजनीति को नई दिशा देने के लिए हर युवा तैयार नजर आ रहा है। युवाओं का सीधा सा फंडा है, जो उनकी सुध लेगा, उनका ख्याल रखा जाएगा।
टॉप हेडलाइंस
Source: IOCL



























