सावधान! KYC के नाम पर बैंक खाते से 2.95 लाख की ठगी, देहरादून में साइबर जालसाजों पर केस दर्ज
Dehradun News: उत्तराखंड में साइबर ठगों ने KYC अपडेट के बहाने संजीव नरूला के खाते से 3 लाख रुपये का लोन पास कराकर, उसे तुरंत सूरज कुमार के खाते में ट्रांसफर कर दिया.

उत्तराखंड की राजधानी में साइबर अपराधियों ने ठगी का एक नया और बेहद शातिर तरीका अपनाया है. खुड़बुड़ा मोहल्ला निवासी एक व्यक्ति के बैंक खाते में पहले उनकी मर्जी के बिना तीन लाख रुपये का लोन पास कराया गया और फिर पलक झपकते ही उस रकम को दूसरे खाते में ट्रांसफर कर लिया गया. पुलिस ने अज्ञात ठगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
पीड़ित संजीव कुमार नरूला का एक्सिस बैंक (Axis Bank) की राजपुर रोड शाखा में खाता है. घटना की शुरुआत 18 फरवरी 2026 को हुई, जब उनके पास एक अज्ञात नंबर से कॉल आया. कॉलर ने खुद को बैंक प्रतिनिधि बताकर केवाईसी अपडेट करने का झांसा दिया. इसके बाद एक व्हाट्सएप नंबर से एक्सिस बैंक के 'ऐप' जैसा दिखने वाला एक फर्जी लिंक भेजा गया. जैसे ही संजीव ने उस लिंक पर क्लिक कर ओटीपी (OTP) साझा किया, उनके फोन पर क्रेडिट कार्ड ट्रांजेक्शन के मैसेज आने लगे.
बिना मांगे पास हुआ 3 लाख रुपये का लोन
अगले दिन यानी 19 फरवरी को ठगों ने दोबारा फोन कर कहा कि "आपका केवाईसी अपडेट हो गया है." फोन कटते ही संजीव के मोबाइल पर मैसेज आया कि उनके खाते पर 3 लाख रुपये का लोन पास हुआ है और प्रोसेसिंग फीस काटकर 2,95,011.80 रुपये खाते में क्रेडिट कर दिए गए हैं. संजीव कुछ समझ पाते, उससे पहले ही यह पूरी रकम 'सूरज कुमार' नाम के एक व्यक्ति के खाते में बिना किसी अनुमति के ट्रांसफर हो गई.
बैंक और पुलिस की कार्रवाई
बैंक से संपर्क करने पर पता चला कि सूरज कुमार के खाते से 20 फरवरी को वह रकम वापस संजीव के खाते में 'टेंपरेरी क्रेडिट' के रूप में आई है, लेकिन बैंक ने साफ किया कि यह राशि उन्हें लौटानी होगी. संजीव का कहना है कि उन्होंने न तो कोई लोन मांगा और न ही पैसे ट्रांसफर किए. कोतवाली देहरादून पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) और IT एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया है. मामले की जांच निरीक्षक हरिओम राज चौहान को सौंपी गई है.

























