मकर संक्रांति 2021: गोरखनाथ मंदिर में शुरू हुआ खिचड़ी मेला, खजला मिठाई है इसकी शान
बाबा गोरखनाथ मंदिर में मकर संक्रांति के मौके पर खिचड़ी मेला शुरू हो गया है. करीब एक महीने तक चलने वाले मेले में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं.

गोरखपुर. मकर संक्रांति के मौके पर गोरखपुर स्थित विश्व प्रसिद्ध गोरखनाथ मंदिर में खिचड़ी मेला शुरू हो गया है. ये मेला करीब एक महीने तक चलेगा. मकर संक्रांति को देखते हुए बैरिकेडिंग और सुरक्षा के सारे इंतजाम पूरे हो गए हैं. बाबा गोरखनाथ के दरबार में वैश्विक माहामारी के बीच पहली बार पड़ रहे इस पर्व पर भी लोगों की आस्था में कोई कमी नहीं आई है. मकर संक्रांति को देखते हुए कोविड-19 प्रोटोकाल का भी खास ख्याल रखा गया है. इसके अलावा हर आने-जाने वाले लोगों की जांच के साथ उन्हें सामाजिक दूरी का भी खास ख्याल रखने के निर्देश दिए जा रहे हैं.
खजला मिठाई है मेले की शान खजला मिठाई इस मेले की शान मानी जाती है. मंदिर के बाहर दुकान लगाने वाले बताते हैं कि यहां आने वाले लोग खजला मिठाई को खूब पसंद करते हैं. दुकानदार विजय के पास पांच तरह की मिठाई है. जो 50 रुपए से लेकर 120 रुपए तक बिकती है. 
बाबा गोरखनाथ को खिचड़ी चढ़ाने की परंपरा सदियों से बाबा गोरखनाथ को खिचड़ी चढ़ाने की परंपरा चली आ रही है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद इस अवसर पर गोरखनाथ मंदिर में उपस्थित रहकर पहली पूजा कर खिचड़ी चढ़ाते हैं. उसके बाद दरवाजा आम श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया जाता है.
क्या है मान्यता मान्यता है कि हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में ज्वाला देवी ने बाबा गोरखनाथ को भोज पर आतिथ्य स्वीकार करने का आग्रह किया. बाबा गोरखनाथ ने वहां पहुंचकर उनसे कहा कि वे योगी हैं. भिक्षाटन में मिला भोजन ही ग्रहण करते हैं. उन्होंने ज्वाला देवी को पानी गरम कर भिक्षाटन कर आने की बात कही. बाबा गोरखनाथ वहां से भिक्षाटन के लिए निकले और गोरखपुर में अखण्ड धूनी सजाकर तप करने लगे. इसके बाद यहां पर लोगों ने उन्हें कच्ची खिचड़ी चढ़ाना शुरू किया. सदियों पुरानी उसी परंपरा का आज भी लोग पालन करते चले आ रहे हैं. कहा जाता है कि कांगड़ा में आज भी ज्वाला देवी के दरबार में पानी उबल रहा है.
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Source: IOCL

























