कानपुर में नहीं दिखेगा कूड़े का ढेर, नगर निगम की इस योजना से बदलेगी शहर की सूरत
कानपुर नगर निगम ने शहर को साफ एवं स्वच्छ रखने के लिये योजना बनायी है। गंदगी के लिये बदनाम शहर में अब नहीं दिखेगा कूड़े का ढेर

कानपुर, एबीपी गंगा। कानपुर के नाम जुबां पर आते ही लोगों के दिल और दिमाग में जगह जगह गंदगी की तस्वीर सामने आती है। लेकिन अब कानपुर नगर निगम, शहर को इस छवि से निजात दिलाने की कवायद में जुट गया है। शहर की सबसे बड़ी समस्या कचरे के निस्तारण के लिए नगर निगम ने प्रयास शुरू कर दिया है। इस बार नगर निगम किसी प्राइवेट कंपनी के साथ नहीं बल्कि खुद कचरे का निस्तारण करेगा।

कानपुर कचरे की समस्या से लंबे समय से जूझ रहा है। जिसे लेकर नगर निगम ने कई प्रयास भी किये। इससे पहले A2Z कंपनी को शहर की सफाई का जिम्मा दिया गया था लेकिन कुछ सालों के बाद ये प्लांट बंद हो गया और शहर में हर जगह कचरा ही कचरा दिखने लगा। अब कानपुर नगर निगम ने सफाई का जिम्मा खुद से उठाया है और सॉलिड वेस्ट के निस्तारण का काम शुरू किया है और शहर से निकलने वाले कचरे को पूरी तरह से निस्तारित करने का काम शुरू किया है।
नगर निगम ने पनकी स्थित पवार प्लांट में वेस्ट मैनेजमेंट का काम शुरू का दिया है। फरवरी से ये प्लांट शुरू कर दिया गया है। और मार्च के पहले हफ्ते में यहां के कचरे से तैयार हुई खाद बाजार में आ जायेगी।
हालांकि अभी पूरे शहर से रोज का औसतन कचरा 1000 मीट्रिक टन निकल रहा है और ये प्लांट लगभग 500 मीट्रिक टन कचरे को रिसाइकिल किया जा रहा है। कुछ ही समय में पूरा प्लांट शुरू कर दिया जाएगा और शहर का पूरा कचरा निस्तारित होने लगेगा और शहर साफ हो जायेगा।
निस्तारण की बात की जाए तो प्लांट के सुपरवाइजर आर के भट्ट ने बताया कि शहर से निकलने वाला कचरा अब पूरी तरह से प्रयोग में लाया जाएगा। इस कचरे से जैविक खाद का निर्माण कार्य शुरू हो गया है और जो सॉलिड वेस्ट बच रहा है उसका प्रयोग बड़ी बड़ी फैक्ट्रियों में बॉयलर के ईंधन के रूप में काम आएगा।
















