Noida International Airport के उद्घाटन की आ गई तारीख, जानें- अब तक कौन सा काम कितना हुआ पूरा?
Noida International Airport का उद्घाटन 30 अक्टूबर को हो सकती है. आइए आपको बताते हैं कि जेवर हवाई अड्डे का कौन सा काम अभी तक कितना पूरा हो चुका है.

उत्तर प्रदेस स्थित गौतमबुद्धनगर के ग्रेटर नोएडा में जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के उद्घाटन की तैयारियां अब अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं. केंद्रीय मंत्री किंजरापु राम मोहन नायडू ने कहा है कि 30 अक्टूबर को एयरपोर्ट का उद्घाटन हो सकता है. उसके 45 दिन बाद हवाई सेवाें शुरू हो सकती हैं.
केंद्रीय मंत्री के इस ऐलान के बीच आईए आपको बताते हैं कि एयरपोर्ट कौन सा काम कितना पूरा हुआ है. 1 सितंबर 2025 तक की रिपोर्ट के अएनुसार एयरपोर्ट परिसर में फिनिशिंग और डीप क्लीनिंग का काम तेजी से किया जा रहा है. रिपोर्ट्स के मुताबिक एयरपोर्ट निर्माण कार्य का लगभग 90 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है. यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड ने जानकारी दी है कि पहले चरण का निर्माण कार्य 25 अक्टूबर तक पूरी तरह से समाप्त कर दिया जाएगा.एयरपोर्ट प्रबंधन ने विभिन्न हिस्सों के लिए अलग-अलग डेडलाइन तय की है.
फोरकोर्ट एरिया, चेक-इन एरिया, सिक्योरिटी होल्ड एरिया, बोर्डिंग गेट एरिया और डिपार्चर फ्लो का काम 20 अक्टूबर तक पूरा करने का लक्ष्य है.वहीं, अराइवल और डिपार्चर हॉल का काम पहले ही पूरा कर लिया गया है. पैसेंजर बोर्डिंग ब्रिज का निर्माण सितंबर माह के अंत तक पूरा करने का टारगेट रखा गया है. एयरपोर्ट परिसर में फायर स्टेशन और एयरलाइन ऑफिस भी तैयार हो चुके हैं.इसके अलावा, कार पार्किंग एरिया को 25 अक्टूबर तक पूरा करने की समयसीमा तय की गई है.ॉ
तेजी से निर्माण कार्य जारी
एयरपोर्ट से जुड़ने वाली अराइवल-डिपार्चर रोड के 100 मीटर हिस्से पर तेजी से निर्माण कार्य किया जा रहा है. कार्गो टर्मिनल, रनवे और एटीसी टावर का काम पूरी तरह समाप्त हो चुका है, जिससे संचालन की दिशा में बड़ा कदम आगे बढ़ चुका है.यमुना अथॉरिटी के सीईओ ने बताया कि निर्माण कार्य पूरा होने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से उद्घाटन का समय मांगा जाएगा. संभावना जताई जा रही है कि नवंबर माह में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का औपचारिक उद्घाटन हो सकता है. इसके बाद डीजीसीए (नागर विमानन महानिदेशालय) द्वारा आवश्यक जांच और प्रक्रियाएं पूरी की जाएंगी. सभी एजेंसियों से नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (एनओसी) मिलने के बाद डीजीसीए एयरपोर्ट को एरोड्रम लाइसेंस जारी करेगा.
इस लाइसेंस के बाद ही वाणिज्यिक उड़ानों की शुरुआत संभव होगी. जेवर एयरपोर्ट उत्तर भारत के सबसे बड़े एयरपोर्ट्स में गिना जाएगा और इसके संचालन से पूरे एनसीआर क्षेत्र को सीधा लाभ मिलेगा. उद्योग जगत और यात्रियों को इसके चालू होने का बेसब्री से इंतजार है.
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Source: IOCL





















