हरिद्वार में ‘एक्स मुस्लिम पदयात्रा’ का समापन, हर की पैड़ी पर गंगा स्नान के बाद धर्म परिवर्तन का दावा
Haridwar News In Hindi: ‘एक्स मुस्लिम पदयात्रा’ के नाम से निकली इस यात्रा में शामिल दर्जनों लोगों ने गंगा स्नान और पूजा-अर्चना के बाद हिंदू धर्म अपनाने का दावा किया. यात्रा बिजनौर से शुरू हुई थी.

- हरिद्वार में 'एक्स मुस्लिम पदयात्रा' का समापन, गंगा स्नान कर अपनाया हिंदू धर्म.
- यात्रा का उद्देश्य धर्म परिवर्तन से जुड़े लोगों के अधिकारों पर चर्चा करना.
- प्रतिभागियों का दावा: भारत में अपनी आस्था चुनने की पूर्ण स्वतंत्रता है.
- पुलिस की निगरानी में यात्रा शांतिपूर्ण संपन्न, स्थानीय स्तर पर चर्चा जारी.
उत्तराखंड में हरिद्वार के प्रसिद्ध हर की पैड़ी घाट पर रविवार को एक अनोखी पदयात्रा का समापन हुआ. ‘एक्स मुस्लिम पदयात्रा’ के नाम से निकली इस यात्रा में शामिल दर्जनों लोगों ने गंगा स्नान और पूजा-अर्चना के बाद हिंदू धर्म अपनाने का दावा किया. यह पदयात्रा 11 अप्रैल को गंगापुर बैराज (बिजनौर) से शुरू हुई थी और दो दिनों में हरिद्वार पहुंची. पूरी यात्रा पुलिस प्रशासन की निगरानी में शांतिपूर्वक संपन्न कराई गई.
यात्रा में शामिल इमरोज आलम ने बताया कि वह बिजनौर जनपद के निवासी हैं और इस पदयात्रा का उद्देश्य उन लोगों के अधिकारों पर चर्चा करना था, जो धर्म परिवर्तन या धर्म त्याग जैसे संवेदनशील विषयों से जुड़े होते हैं. उन्होंने कहा कि भारत एक संवैधानिक देश है, जहां हर नागरिक को अपने विचार रखने, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और अपनी आस्था चुनने का पूरा अधिकार है. उनका कहना था कि वह किसी भी धर्म के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन समाज में कट्टरता और अतिवाद खत्म होना चाहिए ताकि सभी लोग आपसी सम्मान और संविधान के दायरे में रहकर जीवन जी सकें.
पूजा-अर्चना के बाद हिंदू धर्म अपनाया
वहीं, कुलदीप विद्यार्थी ने बताया कि पदयात्रा में शामिल लोगों ने हर की पैड़ी पहुंचकर गंगा स्नान किया और विधि-विधान से पूजा-अर्चना के बाद हिंदू धर्म को अपनाया. उन्होंने कहा कि भारत में हर व्यक्ति को अपनी पसंद की विचारधारा और धर्म चुनने की स्वतंत्रता है. उनके अनुसार, सनातन धर्म एक लचीला और स्वीकार्य परंपरा है, जिसे दुनिया भर में लोग अपनाते हैं.
पुलिस और प्रशासन रहा अलर्ट
इस आयोजन को लेकर प्रशासन सतर्क रहा और पूरे कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई. पुलिस की मौजूदगी में सभी गतिविधियां शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुईं. फिलहाल इस पदयात्रा और धर्म परिवर्तन को लेकर स्थानीय स्तर पर चर्चा का माहौल बना हुआ है. कहीं भी कोई अप्रिय घटना या विरोध प्रदर्शन नहीं हुआ.





















