47 दिन से अनशन कर रहीं पद्मावती को अस्पताल में कराया गया भर्ती, साध्वी ने सीएम रावत पर लगाए गंभीर आरोप
गंगा की अविरलता की मांग को लेकर मातृ सदन में अनशन पर बैठीं साध्वी पद्मावती का स्वास्थ्य बिगड़ने पर 47वें दिन पुलिस ने देर रात उन्हें जबरन उठाकर दून अस्पताल में भर्ती करा दिया। पुलिस ने यह कार्रवाई रात में सीएमओ की ओर से जारी साध्वी के स्वास्थ्य बुलेटिन के आधार पर की।

हरिद्वार, एबीपी गंगा। गंगा की अविरलता और स्वामी सानंद की मांगों को पूरा करवाने समेत 6 मांगों को लेकर मातृ सदन परिसर में अनशन कर रहीं साध्वी पद्मावती गुरूवार रात करीब 11 बजे उपजिलाधिकारी के नेतृत्व में भारी पुलिस बल के साथ कमरे का दरवाजा तोड़कर उठाया गया और दून मेडिकल कॉलेज ले जाया गया।
साध्वी को पहले स्ट्रेचर से ले जाने का प्रयास किया मगर फिर पैदल चलते हुए लगभग घसीटते हुए एम्बुलेंस तक ले जाया गया। इस दौरान साध्वी निरंतर प्रदेश सरकार के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत पर अपने आप को मरवाने की कोशिश करने का आरोप लगाती रहीं और अपने आप को पूरी तरह से स्वस्थ्य बताते हुए उनको क्यों उठाया जा रहा है इस बारे में पूछती रहीं।

प्रशासन ने साध्वी की किसी भी बात पर गौर नहीं किया गया और उनको हॉस्पिटल में भर्ती करवाने के लिए जबरन आश्रम से उठाकर ले जाया गया है। मातृ सदन के परमाध्यक्ष स्वामी शिवानंद सरस्वती ने जिला प्रशासन द्वारा एक साध्वी को देर रात्रि 11 बजे उठाये जाने को लेकर प्रश्न उठाया है और इस मामले को लेकर हाई कोर्ट जाने की घोषणा की है।
साध्वी के गुरु भाई और इनसे पूर्व 194 दिन तक अनशन कर चुके ब्रह्मचारी आत्मबोधनांद ने साध्वी पद्मावती के उठाये जाने के साथ ही उनके स्थान पर अनशन शुरू करने की घोषणा करते हए अनशन शुरू कर दिया है। उपजिलाधिकारी कुसुम चौहान का कहना है साध्वी पद्मावती की मेडिकल रिपोर्ट ठीक नहीं है और उसमें उनकी कंडीशन थोड़ी खराब हो गयी है। इसी क्रम में उन्हें अस्पताल में भर्ती करवाया गया है।

साध्वी पद्मावती को उठाये जाने से पूर्व सीएमओ के नेतृत्व में डॉक्टरों की टीम द्वारा मेडिकल किया गया जिसमे साध्वी के स्वास्थ्य की कंडीशन खराब बतायी गयी थी। इसी के आधार पर एसडीएम द्वारा साध्वी को तत्काल अपना अनशन खत्म करने का नोटिस दिया गया था।
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