ग्रेटर नोएडा: प्रार्थना सभा की आड़ में धर्मांतरण के आरोप में 2 गिरफ्तार, धार्मिक किताबें भी बरामद
Noida News: पुलिस गिरफ्त में आए दोनों आरोपियों ने खुद को हिन्दू बताया और धर्मान्तरण के आरोपों से इंकार किया है. फिलहाल पुलिस दोनों से पूछताछ की जा रही है.घर से काफी सामग्री भी बरामद हुई है.

उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में बीटा 2 कोतवाली क्षेत्र के सेक्टर 36 में पुलिस ने धर्मान्तरण के आरोप में दो लोगों को गिरफ्तार किया है. इन पर आरोप है कि ये मकान में पांच साल से प्रार्थना-सभाएं कर रहे थे. गरीब परिवारों को रुपए देने और बीमारों को रोग मुक्त होने का झांसा देकर ईसाई धर्म में धर्मांतरण के लिए उकसाते थे. पुलिस ने प्रार्थना-सभा स्थल से भारी मात्रा में ईसाई धर्म से संबंधित धार्मिक पाठ्य पुस्तकें, क्रास के चिह्न और मोमबत्ती समेत अन्य सामग्री बरामद की है. प्रत्यक्षदर्शी सोसायटीवासियों का कहना है रविवार को प्रार्थना-सभा में करीब 70 महिला पुरुष मौजूद थे. आरोपितों ने पुलिस से नोकझोंक करने का भी प्रयास किया.
पुलिस गिरफ्त में आए दोनों आरोपियों ने खुद को हिन्दू बताया और धर्मान्तरण के आरोपों से इंकार किया है. फिलहाल पुलिस दोनों से पूछताछ की जा रही है. जबकि इलाके में इस घटना के बाद खासा हंगामा हुआ था और अब शांति है.
क्या है पूरा मामला ?
जानकारी के मुताबिक क्षेत्र के सेक्टर-36 के बी ब्लाक स्थित बी-224 नंबर दो मंजिला मकान का है. इसी सेक्टर में रहने वाले मोहन सिंह को पता चला कि मकान में ईसाई धर्म से संबंधित प्रार्थना-सभाओं में रुपए आदि का लालच देकर धर्मांतरण के लिए उकसाया जाता है. रविवार दोपहर करीब 12 बजे मकान के बेसमेंट में बने हाल में पहुंचे. अंदर प्रार्थना सभा में करीब 60 से 70 महिलाएं और पुरुष मौजूद थे. अंदर मौजूद लोग उनसे विवाद पर उतारू हो गए. मोहन ने निकल कर बेसमेंट का गेट बाहर से बंद कर दिया.
सूचना पर आरडब्लूए अध्यक्ष अजय भाटी और डायल-112 व प्रभारी निरीक्षक पहुंचे. बिना अनुमति प्रार्थना-सभा में भीड़ जुटाने पर कार्रवाई की चेतावनी देने पर आरोपितों ने पुलिस से भी नोकझोंक की. पुलिस गिरोह के सदस्य मूल रूप से राजस्थान के बांसवाड़ा निवासी आदिवासी टैक्सी चालक सुरेश कुमार वर्तमान में सिग्मा दो मकान नंबर सी-28, उनकी पत्नी आशा व साली गीता और ऐच्छर निवासी चंद्रकिरण पुत्र गजेंद्र सिंह को हिरासत में लेकर कोतवाली लाई.
गरीब परिवार के बच्चों को पढ़ाने का दावा
प्रभारी निरीक्षक विनोद कुमार ने बताया पूछताछ में आरोपितों ने किसी का भी धर्मांतरण कराने से इनकार किया. गरीब परिवारों के बच्चों को निश्शुल्क पढ़ाने व उपहार देने की बात कही है. दोनों आरोपित हिंदू हैं, फिलहाल खुद के भी धर्मांतरण की बात से भी इनकार किया है. सुरेश और चंद्र किरण को गिरफ्तार कर प्रार्थना-सभा व अन्य तरीकों से लोगों को धर्मांतरण के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया है. मकान और उसमें रखी ईसाई धर्म से ताल्लुक रखने वाली सामग्री सील कर दी गई है. जांच में मिले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.
मोबाइल में संदिग्ध व्हाट्सएप ग्रुप मिला
पुलिस ने आरोपित टैक्सी चालक सुरेश का मोबाइल फोन कब्जे में लिया है. उसमें फास्टर नाम से ग्रुप मिला है. इसमें बड़ी संख्या में लोग जुड़े हैं. ग्रुप पर ईसाईधर्म के प्रचार-प्रसार से संबंधित सामग्री प्रसारित की जाती थी. सुरेश की पत्नी, साली और चंद्रकिरण द्वारा भी अपने मोबाइल फोन पर ऐसे ही ग्रुप बनाकर लोगों को मतांतरण के लिए प्रेरित करने वाली सामग्री भेजे जाने की आशंका है. पुलिस आरोपितों के बैंक खातों को भी खंगाल रही है.
एसीपी अरविंद कुमार ने बताया कि इस मामले में चंद्रकिरण और सुरेश को गिरफ्तार कर लिया है, उन्होंने न्यायिक हिरासत में लिया गया है, इन लोगों से पूछताछ की जा रही है.
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